शहादत देने वाले सैनिकों के घरों में मातम में मनाया जा रहा है, लेकिन केंद्र की सरकार चुपचाप यह सब देख रही है। कहा कि सरकार को पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने की जरूरत है, इसके बाद ही शहादत के इस क्रम को रोका जा सकता है।
नम आंखों के साथ उन्होंने बताया कि उनका बेटा बहुत होनहार था और उसमें सेना में भर्ती होकर देश सेवा की ललक थी। वहीं, विकास की शहादत के बाद गमजदा माता बीना गुरुंग और बहन पूनम गुरुंग गुमसुम स्थिति में हैं।