पिता ने बताया कि शहीद विकास गुरुंग परिवार में ही नहीं पूरी यूनिट का दुलारा था। पिता रमेश गुरुंग ने बताया कि विकास पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी आगे रहता था। इसीलिए उसे पूरी यूनिट बहुत प्यार करती थी।
विकास 29 मार्च को ही 36 दिन की छुट्टी पर घर आया था। तब घर में हंसी खुशी का माहौल था। 6 अप्रैल को विकास का जन्मदिन मनाया गया था। इस दौरान विकास ने अपने दोस्तों को भी बुलाया था।
बताया कि 14 जून को विकास ने घर पर फोन किया था। उसने सब ठीक होने की बात कही थी, लेकिन शनिवार को सुबह सैन्य अधिकारियों के फोन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बेटे के शहीद होने की खबर मिलने के बाद से पूरा परिवार सदमे में है।