शहीद शिशिर के पिता सूबेदार मेजर सुरेश बहादुर मल्ल 3/9 गोर्खा राइफल से रिटायर थे। करीब 15 साल पहले शिशिर ने राजा राम मोहन राय एकेडमी से 12वीं करने के बाद 3/9 गोर्खा राइफल ज्वाइन की थी। छोटा भाई सुशांत मल्ल 1/11 गोर्खा राइफल में है। खास बात यह है कि तीनों ही पिता-पुत्र फुटबॉल के बहुत अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। घर में रखी ट्रॉफी और मेडल इस बात की गवाही देते हैं। पिता, बेटों के बाद अब इस परिवार की बहू ने भी सेना की राह चुनी है।
दो सितंबर 2015 को पति हो गए थे शहीद
दो सितंबर 2015 को दून के चंद्रबनी निवासी राइफलमैन शिशिर मल्ल बारामुला (कश्मीर) के राफियाबाद में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए। सुरक्षाबलों ने राफियाबाद में नौ घंटे चली भीषण मुठभेड़ में आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम के आतंकी को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में 32 राष्ट्रीय राइफल्स के राइफलमैन शिशिर मल्ल शहीद हो गए। शिशिर का परिवार चंद्रबनी में रहता है।
हालातों से लड़कर पाई मंजिल
राइफलमैन शिशिर मल्ल की शहादत से तीन महीने पहले ही पिता का निधन हुआ था। इस बीच उनके नवजात बच्चे की भी मौत हो गईं थीं। इसके बाद राइफलमैन शिशिर की शहादत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। इन सबके बीच राइफलमैन की पत्नी वीर नारी संगीता मल्ल ने हिम्मत नहीं हारी। वह एक वीर की माफिक जुट गई और पति की शहादत के तीन साल के भीतर ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी(ओटीए) चेन्नई में प्रवेश प्राप्त किया। वह परिवार की पहली अफसर हैं।
पिथौरागढ़ में भैंसखाल (नाचनी) के राजवीर सिंह दानू भारतीय सेना में लेफ्टीनेंट बन गए हैं। राजवीर अमर उजाला से जुड़े पत्रकार जीवन दानू के बेटे हैं। राजवीर के ताऊ मंगल सिंह दानू आईटीबीपी के डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हैं। राजवीर शनिवार को आफीसर्स ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई में हुई पासिंग आउट परेड में पास आउट हुए। अफसर बेटे के कंधे पर मां चंद्रकला दानू, पिता जीवन दानू, बड़ी बहन विनीता और हंसा ने स्टार लगाए।
राजवीर को 15 गार्ड रेजीमेंट में भटिंडा (पंजाब) में तैनाती मिली है। ताऊ की वर्दी से प्रभावित राजवीर ने बचपन से ही सेना में अफसर बनने का लक्ष्य संजो लिया था। प्राथमिकशिक्षा ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल नाचनी से हासिल करने वाले राजवीर ने इंटर प्रेमा जगाती स्कूल नैनीताल से किया। पिथौरागढ़ महाविद्यालय से बीएससी करने के बाद राजवीर का चयन वर्ष 2015 में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के पद पर हो गया। वर्ष 2018 में एनडीए में चयन होने तक वह मुनस्यारी विकासखंड में वीडीओ के पद पर तैनात रहे।
राजवीर पढ़ाई के साथ ही खेल में भी आगे रहे। नैनीताल में पढ़ाई के दौरान नेशनल स्तर की वॉलीबाल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। पिथौरागढ़ महाविद्यालय की एथलेटिक्स और शतरंज की टीम में शामिल रहे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता, पिता के साथ ही एलएसएम स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिथौरागढ़ के प्रोफेसर पुष्कर सिंह बिष्ट को दिया है। राजवीर के अफसर बनने से उनके गृह क्षेत्र में खुशी व्याप्त है।