निकाह के बाद विवाहिता ने अपनी सहेलियों को पति की बेरूखी के बारे में बताया। कुछ समय बाद विवाहिता के पूछने पर पति ने खुद को समलैंगिक होना स्वीकार कर उसके सामने तलाक का प्रस्ताव रख दिया।
उसने मायके आकर अपने परिजनों को सारी हकीकत बताई। वधू पक्ष ने मामले की शिकायत रामनगर पुलिस से की। रामनगर महिला हेल्पलाइन में दोनों पक्षों के बीच काउंसलिंग हुई।
एक अगस्त को दोनों पक्षों के बीच इस बात पर तलाक की सहमति बन गई कि वर पक्ष दहेज का सामान, बाइक, जेवर और मेहर की रकम लौटाएगा। बुधवार को पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर कहा कि तलाक के सवा माह बाद भी वर पक्ष ने समझौते के अनुसार दहेज का सामान और मेहर की रकम अदा नहीं की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।