उत्तराखंड में चल रहे चुनावी महासंग्राम के बीच अल्मोड़ा के सोमेश्वर में माओवादियों के पोस्टरों से हड़कंप मच गया है। क्षेत्र में माओवादियों ने सैकडों पोस्टर और लाल रंग से दीवारों पर अपना संदेश लिखा है। इसमें जनता से विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करने की अपील की गई है।
माओवादियों के पोस्टर और वाल पेंटिंग की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। पुलिस और एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) पोस्टरों को हटाने में जुटी हुई हैं।
नैनीताल की धारी के बाद अब सोमेश्वर में माओवादियों की धमक से एक बार फिर उत्तराखंड में प्रशासन के माथे पर बल पड़ गए हैं।
लाल स्याही से लिखी प्रत्याशियों को मार भगाने की बात
माओवादी पोस्टरों से लोग सकते हैं।
- फोटो : AmarUjala
सोमेश्वर में बुधवार को विभिन्न सार्वजनिक जगहों पर माओवादियों के पोस्टर और दीवारों पर लिखे संदेश देख लोग सन्न रह गए। महात्मा गांधी इंटर कॉलेज चनौदा में लाल स्याही से दीवारों पर लिखकर जनता से विधानसभा चुनावों में वोट न देने की अपील की गई है। इसके साथ शैल के कालिका मंदिर में लाल स्याही से चेतावनी संदेश लिखा गया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम पर लिखे गए संदेशों में प्रत्याशियों के नाम लिखकर जनता से उन्हें मार भगाने और सबक सिखाने की बात कही गई है।
पोस्टर में लिखा माओवादी नेता का नाम
दीवारों पर लिखे माओवादियों के संदेश
- फोटो : AmarUjala
इन पोस्टरों में जनता से विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करने की अपील की गई है। दीवारों पर इन चेतावनी संदेशों में माओवादी नेता खीम सिंह बोरा का नाम लिखा गया है।
पोस्टर और वाल पेंटिंग की सूचना मिलते ही पुलिस और एलाईयू यूनिट क्षेत्र में सक्रिय हो गई हैं। चुनाव के एक हफ्ते पहले माओवादियों के पोस्टर आने की घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। पोस्टर चिपकाने वालों के बारे में जानकारी जुटाने में जुटाई जा रही है।