-स्कूल वाहन चलाने के लिए चालक के पास पांच साल का अनुभव जरूरी।
-वाहन की खिड़कियों के बाहर लोहे की जाली अनिवार्य।
-वाहन की सीट के नीचे बच्चों के बैग रखने का स्थान।
-फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था जरूरी है।
-छात्राओं की बस में महिला परिचालक की व्यवस्था।
-बस में दरवाजों के अलावा दो इमरजेंसी दरवाजे होने चाहिए।
-वाहन का रंग पीला और दोनों ओर नीली पट्टी होना अनिवार्य।
-अग्निशमन संयंत्र और स्पीड गवर्नर का होना जरूरी।
कोई स्कूली वाहन यदि दोबारा निर्धारित संख्या से अधिक बच्चें ले जाते मिलते हैं तो वाहन सीज कर दिया जाएगा। साथ ही स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
-अरविंद पांडेय, एआरटीओ