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खराब रास्तों के कारण छह यात्रियों ने छोड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा, ड्यूटी छोड़कर वापस लौट आए डॉक्टर

Wed, 21 Aug 2019 08:39 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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इस साल की कैलाश-मानसरोवर यात्रा में ड्यूटी पर भेजे गए स्वांला राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी (एसएडी) के डॉ. मुकेश कुमार बीच में ही ड्यूटी छोड़कर वापस आ गए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी खंडूरी ने मंगलवार को डॉक्टर का वेतन रोकने के आदेश के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया है। 

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मामले की जानकारी स्वास्थ्य महानिदेशक को भी दी गई है। डॉ. कुमार को स्वांला के स्थान पर चंपावत जिला अस्पताल संबद्ध कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. खंडूरी ने कहा कि बीच रास्ते में राष्ट्रीय महत्व की इस यात्रा को छोड़ना गंभीर कृत्य है। डॉ. कुमार ने लौटने के बाद विभाग को जानकारी भी नहीं दी। सीएमओ ने ड्यूटी आदेश की अवहेलना पर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है।

खराब रास्तों को देखते हुए छह यात्रियों ने छोड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा

कैलाश मानसरोवर यात्रा के 17वें दल को धारचूला में रोका गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के रास्तों की खराब हालत को देखते हुए छह यात्रियों ने यात्रा बीच में ही छोड़ दी है। 56 सदस्यीय इस दल के अब तक आठ लोग यात्रा छोड़ चुके हैं।

कैलाश यात्रा के पैदल मार्ग छंकन, लामारी और मालपा में रास्ते खराब होने और पहाड़ियों से भूस्खलन होने के चलते सोमवार को यात्रियों को वापस धारचूला लौटा दिया था। यात्रियों को मंगलवार को भी पर्यटक आवास गृह में ही रोका गया। 56 सदस्यीय दल में यूपी के यात्री निरोज कुमार (48) ने 17 अगस्त को धारचूला में यात्रा छोड़ दी।

इसके बाद गुजरात की सीमा बेन (53) ने भी आगे जाने में असमर्थता जताई। मंगलवार को अरुण रहेजा (51) यूपी, किशोर पाटिल (52), नितिन शाह (55) दोनों निवासी महाराष्ट्र, सुभाष चंद्र (66) हरियाणा, उमेश चंद्र गर्ग (63) निवासी दिल्ली मंगलवार सुबह यात्रा छोड़कर हल्द्वानी लौट गए हैं। 
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बुजुर्ग राजेंद्र प्रसाद ने मालपा में गुजारी रात 

इसके बाद दोपहर के भोजन के बाद प्रकाश देवशी दभी (39) निवासी जामनगर (गुजरात) ने निजी कारणों का हवाला देते हुए यात्रा छोड़ दी है। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने बताया कि जिला प्रशासन की अनुमति के बाद ही यात्रियों को आगे की यात्रा पर रवाना किया जाएगा।

इधर, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि छंकन, लामारी और मालपा रास्ते से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र रास्ते को दुरुस्त कर लिया जाएगा।  

17वें दल के कैलाश यात्री राजेंद्र प्रसाद (65) निवासी फरीदाबाद सातवीं बार कैलाश की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने 18 अगस्त की रात मालपा में गुजारी। 1998 में हुए मालपा हादसे के बाद यहां यात्रियों को नहीं रोका जाता है।

उन्होंने कहा कि शायद भोलेबाबा की यही इच्छा हो। पांचवीं बार कैलाश यात्रा पर जा रहे यूपी के नरेंद्र कुमार सैनी ने बताया कि उन्होंने छंकन में 13 यात्रियों के साथ रात्रि विश्राम किया। उन्होंने कहा कि ऊपरी क्षेत्र के रास्ते खुलने के बाद वे भोलेनाथ की नगरी के दर्शन अवश्य करेंगे। 
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