मई माह के आठ दिन बीतने के बावजूद हल्द्वानी कोषागार से जुड़े राज्य सरकार के 4204 पेंशनरों के खातों में अप्रैल की पेंशन नहीं पहुंची है। तकनीकी खामियों के चलते इन पेंशनधारियों की पेंशन की दस करोड़ से अधिक की रकम आरबीआई स्तर पर फंसी हुई है। ऐसे में पेंशनधारक सेवानिवृत्त कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेंशनरों के खातों में जल्द पेंशन पहुंच सके, इसके लिए कोषागार स्तर से देहरादून स्थित डाटा सेंटर को लगातार मेल से रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं।
हर माह के अंतिम सप्ताह में कोषागार स्तर से पेंशनधारियों की सूचना और पेंशन की कुल धनराशि का चेक आरबीआई की पेंशन भुगतान संबंधी साइट पर अपलोड किया जाता है। वहां से महीने की पहली तारीख को सभी पेंशनधारियों के खातों में पेंशन भेज दी जाती है। इस बार ऐसा नहीं हुआ है। सहायक कोषाधिकारी डीपी वर्मा ने बताया कि कोषागारों में लागू नई एकीकृत प्रबंधन प्रणाली साफ्टवेयर के कारण शुरुआत में वेतन और पेंशन भुगतान में कुछ दिक्कतें आई थी, लेकिन बाद में इन दिक्कतों को दूर कर लिया गया।
कोषागार स्तर से तीन मई को राज्य सरकार के 4204 पेंशनधारियों का चेक आरबीआई की साइट पर अपलोड कर दिया गया था लेकिन आरबीआई की साइट से पेंशनधारियों के खातों तक नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने बताया कि पेंशन भुगतान के लिए देहरादून स्थित डाटा सेंटर को ई मेल के माध्यम से लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। बृहस्पतिवार तक आरबीआई स्तर से पेंशन चेक अपलोड होने के बाद पेंशनधारियों के खातों में जमा हो जाएगी।
29 चेक क्लीयर, केवल एक चेक लंबित
हल्द्वानी कोषागार से लगभग 12 हजार सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों की पेंशन बनाई जाती है। इनमें कुछ राज्य सरकार व कुछ केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त हैं तो कई अन्य श्रेणियों के हैं। सहायक कोषाधिकारी डीपी वर्मा बताते हैं कि अलग-अलग श्रेणियों के पेंशनधारियों के लिए अलग-अगल चेक बनाए जाते हैं। इस बार कोषागार स्तर से तीन मई को पेंशन संबंधी 30 चेक आरबीआई की साइट पर अपलोड किए गए। जिसमें से 29 चेकों की पेंशन संबंधित पेंशनधारियों के खातों में जमा हो चुकी है। केवल उत्तराखंड राज्य सरकार का एक चेक आरबीआई स्तर पर लंबित है। जिसके कारण चार हजार से अधिक पेंशनधारियों को पेंशन का भुगतान नहीं हो पाया है।