फर्जी आधार कार्ड तैयार कर कंपनी के सेल्स एग्जिक्यूटिव ने कई लोगों के नाम पर दोपहिया वाहन के लोन दिखा दिए। ऐसा कर उसने कंपनी से करीब 10 लाख रुपये का गबन कर लिया। आरोपी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। सेल्स एग्जिक्यूटिव पर धोखाधड़ी, जालसाजी के साथ-साथ कंपनी के पैसे गबन करने का आरोप है।
मामला हाथीबड़कला स्थित एलएंडटी फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से जुड़ा है। यहां पर कैलाश नेगी नाम का सेल्स एग्जिक्यूटिव अगस्त 2021 से तैनात था। आरोप है कि नेगी ने अपने कार्यकाल के दौरान 10 से भी ज्यादा फर्जी लोन जारी किए। इसमें उसका साथ कुछ अज्ञात लोगों ने दिया। एक मामले में कैलाश नेगी ने एक आधार कार्ड बनाया। इस पर सारे विवरण झूठे थे। कंपनी को इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब इस ऋण खाते की किश्त टूटी। कंपनी के अन्य कर्मचारी तगाजा करने के लिए जब आधार कार्ड पर दर्ज पते पर गए तो वहां कोई नहीं मिला।
इसके बाद फाइनेंस कंपनी ने कैलाश नेगी की ओर से जारी 56 लोन की जांच की, जिसमें 10 मामले फर्जी आधार कार्ड से संबंधित मिले। कंपनी ने मामले की शिकायत शहर कोतवाली में की लेकिन पुलिस ने प्रारंभिक जांच में ही कई दिन लगा दिए। इस पर कंपनी ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। अधिवक्ता गौरव शर्मा ने कैलाश नेगी की ओर से की गई धोखाधड़ी के संबंध में कई दस्तावेज कोर्ट को दिखाए। इसके आधार पर कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को मुकदमे के आदेश दिए।
कई और आ सकते हैं घेरे में
न्यायालय ने यह माना है कि इस फर्जीवाड़े में कैलाश नेगी के अलावा कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इनके नामों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि एक सोचे समझे आपराधिक षड्यंत्र के तहत इस लोन घोटाले को अंजाम दिया गया है। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। जांच में सामने आने वाले लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया जाए।