हरिद्वार जिले में एक बार फिर दरिंदगी की हद सामने आई। मंगलवार को रुड़की क्षेत्र के जौरासी जबरदस्तपुर गांव से अगवा पांच साल की मासूम बच्ची की खोपड़ी का कंकाल गन्ने के खेत से मिला।
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बीते तीन माह में पांच मासूम बेटियों के कत्ल कर दिए गए। सभी हत्याएं नृशंस व निर्मम तरीके से हुई हैं। चार हत्याकांड में आरोपी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
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ऐसे में आमजन के जेहन में अपने लाडलों की सुरक्षा की चिंता घर कर जाना स्वभाविक है। रुड़की के गंगनहर की घटना को छोड़कर पथरी एवं सिविललाइन क्षेत्र की घटना तो बंद किताब की तरह है।
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इन मामलों में की थी दरिंदगी की हद पार
केस 1- 15 दिसंबर : रानीपुर क्षेत्र की लेबर कालोनी से एक दिसंबर को लापता 14 वर्षीय किशोरी का शव समीप के जंगल में दो सप्ताह बाद मिली।
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फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में किशोरी से रेप की पुष्टि नहीं हुई। विसरा की रिपोर्ट न आने से मौत का कारण साफ नहीं हो पाया है।
केस 2- सात जनवरी : पथरी क्षेत्र की पुलिस चौकी से फर्लांग दूरी पर रेप के बाद कक्षा सात की छात्रा (12 वर्ष) की गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। लेकिन घटना का पुलिस अब तक भी पर्दाफाश नहीं कर पाई है।
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वैज्ञानिक पद्धति से जघन्य हत्याकांड के खुलासे का इंतजार पुलिस को है। मास्टर डीएनए से संदिग्धों के डीएनए के क्रास चेकिंग की प्रक्रिया जारी है।
मर गई थी इंसानियत
केस 3- सात फरवरी : कनखल के राजघाट पर काले रंग के बैग में आठ वर्षीय मासूम की लाश मिली थी।
गला घोटकर मासूम की हत्या कर देने की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुई थी। लेकिन पुलिस ने घटना में मुकदमा तक दर्ज नहीं किया और केस ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
केस 4- 24 फरवरी : रुड़की के गंगनहर क्षेत्र से पांच वर्षीय मासूम को अगवा कर पत्थर से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।
25 फरवरी को पुलिस ने हत्यारोपी मोहित निवासी सुभाषनगर को गिरफ्तार किया। रेप के प्रयास में विफल रहने पर नशे के आदी मोहित ने मासूम की नृशंस हत्या कर दी।
केस 5- 4 मार्च : मंगलवार को रुड़की की सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र से लापता पांच साल की मासूम का क्षत विक्षत शव समीप के जंगल से मिला। एक सप्ताह से मासूम गायब थी। लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
तंत्र क्रिया को लेकर तो नहीं हुआ कत्ल?
हत्यारे का बच्ची के बाल काटने की मंशा क्या थी। परिजनों के साथ ग्रामीण भी इस पर तंत्र-मंत्र की आशंका जता रहे है। हालांकि पुलिस इसे सिरे से खारिज कर रही है। हत्यारे के पकड़े जाने के बाद इस सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद है।
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घटनास्थल पर बच्ची के कटे हुए बाल मिले थे। यह बात हर किसी को कचोट रही है कि कातिल ने बच्ची के बाल क्यों काटे।
यही वजह है कि कत्ल को तंत्र-मंत्र से जोड़ा जा रहा है। मृतका के मामा ने तो पुलिस के सामने ही एक निर्माण कंपनी के कर्मचारियों पर बलि देने का आरोप लगा दिया। बच्ची के चाचा भी इससे इंकार नहीं कर रहे हैं।
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बच्ची को अगवा किए जाने की कोई बड़ी वजह नहीं है। उधर, एसपी देहात अजय सिंह का कहना है कि बाल काटे जाने का सवाल तो है। लेकिन मौके पर ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिससे इस बात को बल मिलता हो। फिर भी पुलिस तमाम संभावनाओं पर काम कर रही है।