पड़ोसी जनपदों से होने वाले शराब की तस्करी को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है कि यूपी की सीमा से लगने वाले जनपदों में शराब के ठेकों के खुलने का समय सुबह के 10 बजे से रात के 11 बजे तक होगा। अन्य जनपदों में शराब में शराब के ठेके सुबह के 10 बजे से रात के 10 बजे तक खुलेंगे।
नकली और घटिया शराब की बिक्री को रोकने के लिए होलोग्राम में ट्रैक एंड ट्रेस की व्यवस्था होगी। इसके पता चल सकेगा कि जिस बोतल पर होलोग्राम लगा है कि वह डिस्टलरी से निकलकर कहां पहुंची है। नई आबकारी नीति में कैंटीन से बेचे जाने वाली शराब पर 10 फीसदी असेस्मेंट शुल्क लगाने की व्यवस्था की गई है। एलएली-2 और सीएल-2 की व्यवस्था यथावत रहेगी।
मॉडल शॉप के अंदर पी सकेंगे शराब, अध्यादेश लाएगी सरकार
प्रदेश में मॉडल शॉप के अंदर बैठकर शराब पीने पर कोई भी नियम-कानून आड़े नहीं आएगा। इसके लिए उत्तराखंड (संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 की धारा 24 (क) में संशोधन के प्रस्ताव के लिए अध्यादेश लाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। सरकार का मानना है कि इससे आबकारी से प्राप्त होने वाले राजस्व में इजाफा होगा।
ई-नीलामी के लिए आधार और पैन होगा अनिवार्य
शराब के ठेकों के लाइसेंस के लिए अब आनलाइन आवेदन करना होगा। ठेकों का सलेक्शन भी ई-लाटरी के माध्यम से होगा। इस व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए आवेदन के समय आधार और पैन को भी अनिवार्य किया गया है।
आबकारी नीति पर यूपी की झलक
प्रदेश की आबकारी नीति में यूपी की नीति के मुताबिक बदलाव किए गए हैं। यूपी ने शराब के ठेकों के आवंटन के लिए ई-नीलामी की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। वहां भी मॉडल शॅाप के अंदर शराब पीने की अनुमति देने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी कर ली गई है।
2550 करोड़ रुपये होगा राजस्व का लक्ष्य
वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान आबकारी से प्राप्त होने वाले राजस्व का लक्ष्य 2550 करोड़ रुपये होगा। चालू वित्त वर्ष के लिए यह लक्ष्य 2310 करोड़ रुपये है। अनुमान लगाया जा रहा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान विभाग 2171 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होगा।