इमचेन को वन प्रबंधन और कार्ययोजना अवार्ड का सिल्वर मेडल भी मिला। इकोलोजी में विशेषज्ञता के लिए मिलने वाले सिल्वर मेडल अवार्ड के लिए बराबरी के अंक होने पर इमचेन और म्हैसकर प्रिया राजेंद्र को यह पुरस्कार दिया गया।
प्राकृतिक स्रोत प्रबंधन में सबसे अधिक अंक पर इमचेन को ही आरसी कौशिक प्राइज फॉर प्रोफिशिएंसी इन सॉइल कंजरवेशन, एंड लैंड मैनेजमेंट अवार्ड दिया गया। वन इंजीनियरिंग, फॉरेस्ट सर्वे आदि चार विषय में सर्वाधिक अंक पाने पर लखमावाड श्रीनिवास लिंगन्ना को कैसफोस अवार्ड दिया गया।
वन सुरक्षा और जनजाति कल्याण विषय में सबसे अधिक अंक पाने पर टेकाले मुक्ता विश्वनाथ को पी. श्रीनिवास पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर अकादमी की प्राचार्य मीरा अय्यर ने प्रशिक्षणार्थियों की तैयारी के संबंध में बताया। आईजीएनएफए के निदेशक डॉ.शशि कुमार, एफआरआई की निदेशक डॉ. सविता, डब्ल्युआईआई के निदेशक डॉ वीबी माथुर आदि रहे।
राज्य वन सेवा इंडक्शन कोर्स वर्ष 2016-18 में पास अफसर
आलमवापांग टी. एमचेन, भराईदक्षाबेन रोजा, बोंगाले रामेश्वरी अशोक, चौधरी ब्रिजेश कुमार देवसिंह, चौधरी रोहितभाई रेशमा, चोरे निकिता जयराम, चव्हाण संदीप बाबू, दामोर विनोद कुमार रमन, देसाई भावनाबहेन बलदेव, डिगोले अनंता नामदेव, गोस्वामी विभाबेन नयनगिरि, जाधव अमोल गौराम, खोरे महेश छग्गन, लाखमवाड श्रीनिवास लिंगन्ना, म्हैसकर प्रिया राजेंद्र, पटोले गणेश निवरुत्ती, फाड उत्तम महादेव, राठव महेंद्रसिंह रेसिंग, शानादरे चंद्रेशकुमार मोहनलाल, टेकाले मुक्ताबाई विश्वनाथ।