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Haridwar: मनसा देवी रोपवे संचालित नहीं होने से परेशान रहे यात्री, बिना दर्शन किए ही लौट रहे हैं श्रद्धालु

Wed, 03 Jan 2024 01:44 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार

सार

देश के कई राज्यों से मनसा देवी दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को निराश ही लौटना पड़ा। पवे का संचालन बंद होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मनसा देवी पहुंचे श्रद्धालु - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मनसा देवी रोपवे का संचालन बंद होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, दिव्यांग और शरीर से ज्यादा वजन के लोग पैदल यात्रा कर माता के दर्शन करने में असमर्थ हैं। फिलहाल रोपवे संचालन को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। मंगलवार को देश के कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं को निराश ही लौटना पड़ा।

बता दें कि रोपवे का संचालन कर रही कंपनी ऊषा ब्रेको लिमिटेड की मूल लीज अवधि 40 वर्ष तक थी, जो 20 मई 2021 को ही समाप्त हो गई। समय के साथ-साथ शहरी विकास विभाग के साथ अनुबंध बढ़ता गया। अब अनुबंध की अंतिम अवधि भी समाप्त हो गई है।

नगर निगम की ओर से न तो टेंडर की घोषणा की गई और न ही कोई तैयारी होती दिख रही है। नगर निगम ने पूर्व में एक बार टेंडर की प्रकिया शुरू भी की थी, लेकिन शासन की ओर से ही अनुबंध बढ़ा दिया गया। रोपवे की तकनीकी जांच और डीपीआर तैयार करने की भी योजना थी, जो अभी ठंडे बस्ते में है। वहीं रोपवे की स्थिति की जांच के लिए परामर्श एजेंसी के साथ अनुबंध भी किया गया था। इसका भी कोई परिणाम सामने नहीं आया।

हाईकोर्ट में चल रही है मामले की सुनवाई

नगर निगम ने दिसंबर के अंत तक रोपवे के संचालन के लिए नया टेंडर निकालने का दावा किया था। वर्तमान में संचालन कर रही ऊषा ब्रेको को 31 दिसंबर तक जिम्मेदारी मिली थी। इसको लेकर हरिद्वार निवासी नीरव साहू ने उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर की है। मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मनसा देवी रोपवे के लीज को 31 दिसंबर 2023 तक सीमित करने और नए सिरे से टेंडर की प्रकिया शुरू करने के आदेश दिए हैं। मामले में शहरी विकास सचिव, नगर आयुक्त, मेयर और ऊषा ब्रेको लिमिटेड के निदेशक को 20 नवंबर तक हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करने के आदेश भी दिए थे।

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रोपवे असुरक्षित हुआ तो दोबारा ढांचे का होगा निर्माण

नगर निगम ने यह तय किया था कि यदि रोपवे का ढांचा असुरक्षित मिला तो नई डीपीआर बनाते हुए इसका सतही स्तर पर निर्माण और बाद में पीपीपी मोड पर दिया जाएगा। रोपवे के संचालन के लिए टेंडर किए जाने हैं। इसमें ढांचे का निर्माण और संचालन कंपनी करेगी।

ऊषा ब्रेक्रो लिमिटेड के लिए बढ़ी मुश्किल

वर्तमान में ऊषा ब्रेको लिमिटेड मनसा देवी और चंडी देवी रोपवे का संचालन कर रही है। पूर्व में कंपनी की प्रतिस्पर्धा नहीं थी, लेकिन यदि टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई तो इस बार कई प्रतिद्वंदी सामने होंगे। इनमें वह लोग पहले से ही ताक में हैं, जो पहाड़ी राज्यों में दूसरी जगहों पर रोपवे का संचालन कर रहे हैं। वर्तमान में रोपवे का संचालन कर रही कंपनी की मुस्किलें इससे बढ़ जाएंगी।

25 करोड़ की कमाई में सरकार को मिलते हैं सवा तीन करोड़ रुपये

मां मनसा देवी रोपवे की सवारी का लाभ उठाने वाले यात्रियों की कुल संख्या प्रति वर्ष लगभग 20 लाख है। वर्तमान टिकट की कीमत 129 रुपये प्रति व्यक्ति है। इससे कुल राजस्व प्रतिवर्ष 25.00 करोड़ के लगभग प्राप्त होता है। इस राजस्व में से उषा ब्रेको लिमिटेड वार्षिक लीज रेंट के रूप में 3.25 करोड़ रुपये राज्य सरकार को उपकर के रूप में देता है। औसतन यह प्रति टिकट तीन रुपया प्रति व्यक्ति आता है। यदि टेंडर हो तो कई अन्य फर्माें को मौका मिलेगा ही साथ ही राजस्व कई गुना बढ़ जाएगा।

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रोपवे संचालन के लिए पहले कंसलटेंट को बुलाया गया है, जो हमें क्षमता वृद्धि के साथ ही मेंटिनेंस आदि बिंदुओं पर जानकारी देंगे। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। यदि संचालन योग्य रोपवे है तो नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदी नहीं है तो अगले विकल्प को चुना जाएगा। फिलहाल अभी 10 से 15 दिनों तक इस प्रक्रिया में समय लगेगा। -श्याम सुंदर, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार

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