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Manish Sisodia in Dehradun : शिक्षा के नुकसान की भरपाई के लिए नहीं है कोई वैक्सीन - मनीष सिसोदिया

Sat, 19 Dec 2020 09:11 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया - फोटो : amar ujala
कोरोना के चलते देश में शिक्षा को जो नुकसान हुआ है उसके लिए कोई वैक्सीन नहीं है। इस नुकसान की भरपाई करने के लिए शिक्षकों और सरकार को मिलकर काम करना होगा। देश को खड़ा करने के लिए नेता और स्कूल दो मुख्य स्तंभ हैं। यह बातें दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को दून में आयोजित प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
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- फोटो : amar ujala
एजुकेशन इंडिया की ओर से सुभाष रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है। शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने वाला नेता ही सफल नेता कहलाता है। वहीं सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक रनबीर सिंह ने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के साथ सिखाना भी होगा। इसके लिए शिक्षकों को बच्चों को समय देने के साथ उनके अभिभावकों से भी जुड़ना होगा।
 
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- फोटो : amar ujala
एजुकेशन इंडिया के सीईओ निशांत शर्मा ने कहा कि देश के हर एक बच्चे और शिक्षक को जरूरत के अनुसार जोड़ने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोविड-19 ने हमें सोचने का अवसर दिया है। हमनें कभी सोचा नहीं था कि अगर स्कूल-कॉलेज बंद हो जाएं तो बच्चों को पढ़ाया कैसे जाएगा। किसी शिक्षक ने यह नहीं सोचा था कि आठ से दस महीने तक स्कूल बंद रहेंगे और केवल ऑनलाइन ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा।

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- फोटो : एएनआई
मुश्किल की इस घड़ी में शिक्षकों ने जिम्मेदारी संभाली और बिना किसी ट्रेनिंग के बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखा, इसके लिए शिक्षक बधाई के पात्र हैं। बच्चों को कैसे शिक्षा दी जाए यह शिक्षकों से बेहतर कोई नहीं जानता। नई शिक्षा नीति की सिसोदिया ने तारीफ की। कहा कि नई शिक्षा नीति एक अच्छी सोच है। इस योजना में लिखी गई बातों को अमल में लाने के लिए एक अच्छी रणनीति बनानी होगी।
 
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- फोटो : amar ujala
योजना में कौशल, बच्चों की मानसिकता आदि को शामिल किया गया है, लेकिन नई शिक्षा नीति योजना में हम कैसे सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चे को न्यूनतम गुणवत्ता की शिक्षा मिल सके। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में हमारी पार्टी (आप) शिक्षा के लिए काम करने वाली पहली पार्टी नहीं है। हम ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है। इसके चलते बीते पांच साल से दिल्ली सरकार के बजट का 25 फीसदी भाग शिक्षा में खर्च किया जाता है।
 
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- फोटो : amar ujala
प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में 250 स्कूलों के प्रधानाचार्य करीब आठ महीने बाद एक साथ एक स्थान पर जुटे तो सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। प्रधानाचार्यों ने कहा कि कोरोना ने इस तरह के आयोजनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। ऑनलाइन बैठक, मीटिंग और चर्चाओं से हम सब ऊब चुके थे। लंबे समय बाद शारीरिक बैठक कर बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है हम सबको सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मास्क का प्रयोग और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पालन करना होगा।
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