82 साल बाद इस बार हरिद्वार कुंभ बारह की बजाय ग्यारह वर्ष बाद पड़ रहा है। इससे पहले 1938 में यह कुंभ ग्यारह वर्ष बाद पड़ा था। कुंभ के दौरान तब भीषण हादसा हुआ था। गंगा पार बसा मेला भीषण आग के बाद पूरी तरह उजड़ गया था और भगदड़ में सैकड़ों यात्रियों को जान भी गंवानी पड़ी थी।