उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पीडीएफ के साथ कांग्रेस का सात जन्मों का साथ हैं। मंगलवार को देहरादून में आयोजित घोषणा पत्र समिति की बैठक में रावत ने यह बयान दिया।
रावत ने कहा कि कांग्रेस का पीडीएफ से गहरा नाता है। लेकिन कुछ मंथराए हैं जिन्हें इस साथ से परेशानी है। मीडिया को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया में भी ऐसी मंथराए हैं।
इस दौरान संगठन और उत्तराखंड सरकार के बीच रिश्तों में खटास की बात पर सीएम रावत बोले कि ये सास बहू का झगड़ा नहीं है। हमारी सरकार परफेक्ट बहू है। बैठक में रावत ने घोषणा पत्र में नए जिले के वादे को पूरा न कर पाने पर सफाई दी।
उन्होंने कहा कि छोटी प्रशासनिक इकाइयों का गठन किया है। तहसीलों व उपतहसिलों की संख्या दोगुनी की। रावत ने कहा कि 2017 में सत्ता में वापसी पर जिले बनाये जायेंगे।
प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के टिकटों के लिए इलेक्शन कमेटी ने सीएम हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को अधिकृत किया है। प्रत्याशियों के नामों का पैनल तैयार किया जाएगा।
सोनी ने कहा कि छटनी के बाद बैठक में दो प्रस्ताव पारित किए गए हैं। प्रत्याशियों पर अंतिम फैसला सोनिया और राहुल गांधी लेंगे। अंबिका सोनी ने बताया कि पीडीएफ की चुनाव भूमिका पर सीएम रावत और प्रदेश अध्यक्ष फैसला लेंगे। हरीश रावत ने कहा कि घोषणा पत्र के लिए आम जनता से सुझाव लेंगे।