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55 साल तक पति की मार झेलने के बाद जागी मंगला

Fri, 17 Jan 2014 10:09 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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68 साल की उम्र तक आते-आते जहां ज्यादातर लोग जिंदगी से समझौते करने लगते हैं, वहीं देहरादून में एक बुजुर्ग अपनी जिंदगी अपने मुताबिक जीने का अधिकार हासिल करना चाहती है।
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मदद की गुहार
55 साल के विवाहित जीवन में हर रोज पति की मार खाने वाली यह बुजुर्ग अब पति से अलग रहने के साथ उससे गुजारा भत्ता भी लेना चाहती है। इन दिनों कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रही इस बुजुर्ग ने पूर्व जिला संरक्षण अधिकारी रमिंद्री मंद्रवाल से भी मदद की गुहार लगाई है।

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पंडितवाड़ी के भूड़ गांव निवासी मंगला देवी ने बताया कि शादी के बाद कुछ वर्ष सब ठीक था। फिर अचानक पति मारपीट करने लगा। पता चला कि वह दूसरी शादी कर चुका है। इस बीच बच्चे हो गए तो उनकी देखभाल के लिए मार सहती रही।
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मंगला कहती हैं अब बच्चे बड़े हो चुके हैं, सब सेटल भी हो गए हैं तो भला अब क्यों पति की बेवजह मार सहे। पति आईएमए मेस में कार्यरत था, अब रिटायर हो चुका है।

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लंबे समय से वह दूसरी पत्नी के साथ ही रहता है। वह कहती हैं कि अब हर हाल में उन्हें तलाक चाहिए ताकि बाकी बची जिंदगी सुकून से जी सके।

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यह अकेला मामला नहीं है। मेरे पास ऐसी कई बुजुर्ग महिलाएं शिकायत लेकर आई हैं। ये महिलाएं वर्षों तक घरेलू कलह से परेशान रहने के बाद बुढ़ापे में चैन से रहना चाहती हैं। बस उन्हें पति की पेंशन में से खर्चा चाहिए होता है। इन महिलाओं पर परिवार के साथ रहने का दबाव भी नहीं बनाया जाता।
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- रमिंद्री मंद्रवाल, पूर्व जिला संरक्षण अधिकारी
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