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कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रहा प्रबंध तंत्र

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देहरादून। कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतनमान समेत कई मुद्दों के समर्थन में कई दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारियों ने सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। राम प्रकाश राघव, प्रेम सिंह चौहान, जीवन लाल मिश्रा, उमेद सिंह मेहता व नेत्र सिंह पंचपाल ने अनशन की शुरुआत की। अनशनकारियों का आरोप है कि प्रबंधन तंत्र कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने के साथ ही अड़ियल रवैया अख्तियार कर रहा है।
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अनशनकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश वन निगम में साल 1982- 83 से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राज्य गठन के उपरांत 2002 में नियमितीकरण हुआ था। सभी कर्मचारियों को अदालत के आदेश पर 1991 से आवासीय सेवा सुविधा समेत अन्य सुविधाएं देने को आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद वेतनमान निर्धारण में आनाकानी हो रही है। इस मौके पर कर्मचारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक प्रबंध तंत्र उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करता है, आमरण अनशन जारी रहेगा। आमरण अनशन में पहले दिन हल्द्वानी की पूर्व ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकोटी, प्रदेश महामंत्री हरदेव रावत, सुनील, मुकेश गुलेरी, महावीर सिंह असवाल, महेंद्र सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष मधुसूदन लोहनी, चंद्रमोहन पांडे, अनिल अधिकारी, ओमप्रकाश, मोहननाथ गोस्वामी, विपिन जोशी, भूपाल सिंह बिष्ट समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
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