बिना परीक्षा डिग्री दिलाने के नाम पर एक ठग ने दून के सैकड़ों छात्रों को लाखों का चूना लगा दिया। पुलिस ने उसे दबोच लिया।
दीपनगर निवासी विवेक डंगवाल ने पुलिस को बताया कि फैजाबाद (यूपी) के बसखरी निवासी दुर्गेश कुमार सिंह ने वर्ष 2010 में दून के राजीवनगर में संभवी सोशल एंड एजूकेशनल आर्गेनाइजेशन के नाम से दफ्तर खोला।
मार्कशीट फर्जी निकली
वह खुद को संस्था का प्राचार्य बताता था। दुर्गेश ने विवेक को 25 हजार रुपये में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएससी की मार्कशीट दे दी। विवेक नौकरी के लिए गया तो मालूम हुआ कि मार्कशीट फर्जी थी।
इस बीच दुर्गेश ने दफ्तर बंद कर लिया था। कुछ समय बाद उसने शिमला बाईपास पर श्री साईं कॉलेज ऑफ डिस्टेंस एजूकेशन के नाम से कालेज शुरू कर दिया। वहां भी कई लोगों को ठगने के बाद दुर्गेश ने स्मिथनगर प्रेमनगर में हाईटेक कंप्यूटर एजूकेशन संस्थान खोला।
फर्जीवाड़ा कर लाखों की संपत्ति बनाई
नेहरू कालोनी पुलिस ने शुक्रवार को उसे प्रेमनगर से पकड़ लिया। पता चला कि फर्जीवाड़ा कर दुर्गेश ने लाखों की संपत्ति बनाई है।
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि दुर्गेश की अवैध कमाई जब्त कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। इन सभी पर गैंगेस्टर एक्ट लगाया जाएगा।