इसमें प्रवीन सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने छह फरवरी को गुलदार को आदमखोर घोषित किया और सात फरवरी को गांव में शिकारी दल तैनात कर दिया गया था।
अंगणी गांव निवासी एडवोकेट जितेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि गांव में आदमखोर गुलदार को मारने के लिए शिकारी दल तैनात है, लेकिन उसके मारे नहीं जाने के कारण अभी तक लोगों में गुलदार की दहशत बनी हुई है।
उधर, पोखड़ा रेंज अधिकारी राखी जुयाल ने बताया कि गांव में शिकारी दल गुलदार की ताक में बैठा है, लेकिन इन दिनों गांव के आसपास गुलदार की मूवमेंट नहीं हो रही है। गुलदार को मारने के लिए छह मार्च तक के निर्धारित समय तक शिकारी दल गांव में ही तैनात रहेगा।