मालूम हो कि गंगा रक्षा के लिए साध्वी पद्मावती ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। जिला प्रशासन ने 30 जनवरी को उनको जबरन उठाकर देहरादून स्थित दून अस्पताल में भर्ती करा दिया था। उसी दिन ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने मातृ सदन में आमरण अनशन शुरू कर दिया था। 17 फरवरी को साध्वी पद्मावती को एम्स दिल्ली में भर्ती करने के बाद आत्मबोधानंद ने जल त्यागने की घोषणा कर दी थी।
शुक्रवार को मेडिकल टीम ने उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया तो उनका वजन 55 किलो नापा। बताया जाता है कि जल त्यागने से पहले उनका वजन 57 किलो और आमरण अनशन पर बैठने के दिन 61 किलो था। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने कहा कि जब तक गंगा रक्षा से संबंधित मांगों को माना नहीं जाएगा तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।