एक महिला ने खुद के प्रयास से आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनकर नारी सशक्तीकरण की मिसाल पेश की है। खदरी निवासी ममता मजदूरी कर किसी तरह अपना गुजर बसर करती थीं, लेकिन यह उसे रास नहीं और कर्ज पर ई-रिक्शा खरीदकर सब्जी की दुकान लगा ली। ममता के इस जज्बे की हर कोई तारीफ कर रहा है।
ग्राम सभा खदरी वॉर्ड-5 (मोटा प्लॉट) में रहने वाली ममता पति धर्मवीर सिंह के साथ मजदूरी दिहाड़ी कर परिवार चला रही थी। दंपति का एक बेटा भी है। ममता के मुताबिक ठेकेदार मजदूरी दिए भाग गया। इसके बाद खाने के लाले पड़ गए। इसके बाद ममता ने खुद कुछ करने की ठानी। ममता ने ठेली खरीदकर सब्जी बेचने का काम शुरू किया। इसी बीच उसने ई-रिक्शा के बारे में सुना कि उसमें पेट्रोल की जरूरत नहीं होती है।
इसके बाद ममता ने किसी से दो प्रतिशत ब्याज पर 50 हजार का कर्ज लिया और रिक्शा से सब्जी बेचने लगी। एक महीने में ममता के ई रिक्शा और जीवन यापन पटरी पर आ गया। ममता ने ईरिक्शा चलाना सीखा और खुद सब्जियां बेचने निकलने लगी। अब ममता ने पति को भी मजदूरी करने से मना कर दिया है।
धर्मवीर अब सब्जी बेचने में ममता की मदद करता है। ममता ने कहा कि गांव के सोहनलाल रतूड़ी ने उसे बहुत प्रेरणा दी। ग्राम प्रधान संगीता थपलियाल ने कहा कि ममता ने नारी सशक्तीकरण की मिसाल कायम की है। वॉर्ड सदस्य मीना कुकरेती ने ममता के जज्बे की सराहना की है।