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उत्तराखंड को चाइल्ड फ्रेंडली प्रदेश बनाएं

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आईएसबीटी के समीप एक होटल में देहरादून में स्मार्ट सिटी लिमिटेड की चाइल्ड फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट प
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देहरादून। नोबेल पुरस्कार विजेता एवं बचपन बचाओ आंदोलन एनजीओ के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को देहरादून ही नहीं पूरे प्रदेश को बाल मित्र प्रदेश बनाना चाहिए। राज्य में बाल पंचायत का निर्माण किया जाना चाहिए, जिससे बच्चों की भागीदारी, लीडरशिप और सामूहिकता का निर्माण हो सके।
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शनिवार को आईएसबीटी स्थित एक होटल में देहरादून स्मार्ट सिटी लि. की ओर से आयोजित चाइल्ड फ्रेंडली सिटी अभियान के शुभारंभ पर कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि चाइल्ड फ्रेंडली सिटी अभियान की शुरुआत एक एतिहासिक घटना है। देश में दून पहला शहर है, जहां से इस अभियान की शुरुआत की है। हालांकि यह चुनौती भी है। इसके लिए परिश्रम करना होगा। कोई भी बच्चा शोषण का शिकार नहीं होना चाहिए। एक ऐसा समाज बनाना है, जहां कि नीतियां, कार्यक्रम, बाजार, तंत्र, धर्म, संस्थाएं आदि सभी बाल मित्र हों। बच्चे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। बच्चों में मित्रता हो, अगर हम ऐसा नहीं कर पाते तो यह सभ्यता में खोट है। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों में धर्म को लेकर भेदभाव पैदा न करें।
कौन हैं कैलाश सत्यार्थी
बचपन बचाओ आंदोलन नामक एनजीओ चलाने वाले कैलाश सत्यार्थी को शांति का नोबेल पुरस्कार मिल चुका है। दक्षिण एशिया में बच्चों की बदहाल स्थिति को देखते हुए इन्होंने 1980 में बचपन बचाओ आंदोलन एनजीओ शुरू किया था, जो बच्चों के अधिकारों के लिए काम कर रहा है। बंधुआ मजदूरी और बाल तस्करी के खिलाफ जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। इनका एनजीओ अब तक करीब 80 हजार बच्चों का पुनर्वास करवा चुका है।
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चाइल्ड फ्रेंडली सिटी में सुरक्षित होगा बचपन
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चाइल्ड फ्रेंडली सिटी में बचपन सुरक्षित होगा। वही शहर स्मार्ट हो सकता है, जहां बच्चों की सुरक्षा प्रमुख हो। इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे।
शनिवार को आईएसबीटी रोड स्थित एक होटल में देहरादून स्मार्ट सिटी लि. की ओर से चाइल्ड फ्रेंडली सिटी और कम्यूट फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट परियोजना का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना शहर में बच्चों के लिए सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने में सफल होगी। सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना भी शुरू की जा रही है। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी विचार रखे। मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि देहरादून तेजी से स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कैलाश सत्यार्थी, फ्रांस के राजदूत एमानुवेल लिनेन, मेयर गामा, विधायक हरबंस कपूर, विनोद चमोली, सहदेव सिंह पुंडीर व बच्चों के साथ दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर मिशन डायरेक्टर स्मार्ट सिटी भारत सरकार कुनाल कुमार, सचिव शहरी विकास शैलेष बगोली, कमिश्नर गढ़वाल रविनाथ रमन, जिलाधिकारी एवं सीईओ स्मार्ट सिटी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
आईआईटी रुड़की और स्मार्ट सिटी के बीच समझौता
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी रुड़की और देहरादून स्मार्ट सिटी के बीच मोबिलिटी प्लान, ट्रैफिक प्लान ड्रेनेज सिस्टम, इंटीग्रेटेड एवं सस्टेनेबल डेवलेपमेंट प्लान के लिए समझौता किया गया। देहरादून स्मार्ट सिटी के सीईओ डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आईआईटी रुड़की के साथ जो तकनीकी समझौता किया है, उससे भविष्य में होने वाले कार्यों में तेजी आएगी।
ये दून बाल मित्र सम्मानित
देहरादून स्मार्ट सिटी लि. की ओर से बीते दिनों आवासीय कॉलोनियों में दून बाल मित्र प्रतियोगिता कराई थी। इनमें बच्चों को कुछ सवाल दिए थे। इसके आधार पर प्रथम तीन स्थान पाने वालों को सम्मानित किया गया। इसमें पर्ल्स पैराडाइज पहले, सिद्धार्थ पैराडाइज दूसरे और केवल विहार तीसरे स्थान पर रहा।
रंगोत्सव के विजेता का भी सम्मान
कार्यक्रम के दौरान रंगोत्सव प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में कोमल वर्मा एंड ग्रुप पहले, देव भारती एंड ग्रुप दूसरे और निकिता रावत एंड ग्रुप तीसरे स्थान पर रहा। तीनों को क्रमश: 75,50 और 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
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