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Uttarakhand: प्रदेश के श्रमिकों को बड़ी राहत, धामी सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाया, एक अप्रैल 2026 से होगा लागू

Sat, 16 May 2026 12:49 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

धामी सरकार ने श्रमिकों के हित में बड़ा फैसला लिया है। वहीं श्रम आयोग ने राज्य के सभी उद्योंगों को भी ये निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां श्रमिकों के लिए निर्धारित मानकों का पालन करें। न्यूनतम वेतन, ओवर टाइम, बोनस इत्यादि श्रमिकों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर कोई ढिलाई सरकार या आयोग के द्वारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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सीएम धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उत्तराखंड में श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। धामी सरकार ने श्रमिकों का न्यूनतम वेतन बढ़ाया है। अकुशल श्रमिकों को अब 13,018 रुपये वेतन मिलेगा। अर्ध-कुशल श्रमिकों का वेतन बढ़ाकर 16,900 रुपये किया गया। नई वेतन दरें एक अप्रैल 2026 से लागू होंगी। इसके अलावा ओवरटाइम, बोनस और अन्य लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।

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उत्तराखंड में श्रमिकों का मानदेय पड़ोसी राज्यों से ज्यादा है। राज्य के अकुशल श्रमिकों से लेकर अर्धकुशल और कुशल श्रमिक पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और बिहार से अधिक मानदेय प्राप्त कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर श्रमिकों के वेतन संबंधित अफवाहों को रोकने के लिए श्रम आयोग ने अपील की है कि श्रमिक किसी गलत जानकारी के शिकार न हों।

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बताया गया कि उत्तर प्रदेश में अकुशल श्रमिक 12356 रुपये, हिमाचल प्रदेश में 11250 रुपये और बिहार में 11336 रुपये पा रहे हैं, जबकि उत्तराखंड में अकुशल श्रमिक उसी तरह के कार्य के लिए 13018 रुपये हासिल कर रहे हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में अर्धकुशल श्रमिक 13590 रुपये, हिमाचल प्रदेश में 11601 रुपये और बिहार में 11752 रुपये पा रहे हैं, जबकि उत्तराखंड के इसी वर्ग के श्रमिक 15100 रुपये पा रहे हैं। यह स्थिति कुशल श्रमिकों के मामले में भी है।

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राज्य के सभी उद्योंगों को भी ये निर्देश 
उत्तर प्रदेश में कुशल श्रमिकों को 15224 रुपये, हिमाचल प्रदेश में 13062 रुपये और बिहार में 14326 दिए जा रहे हैं। जबकि उत्तराखंड के कुशल श्रमिकों को 16900 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। राज्य के सभी उद्योंगों को भी ये निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां श्रमिकों के लिए निर्धारित मानकों का पालन करें। न्यूनतम वेतन, ओवर टाइम, बोनस इत्यादि श्रमिकों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर कोई ढिलाई सरकार या आयोग के द्वारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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राज्य के श्रमिक भाइयों से अपील है कि वे किसी गलत सूचना के शिकार न हों। उत्तराखंड के श्रमिक पड़ोसी राज्यों के श्रमिकों से बेहतर वेतनमान पा रहे हैं। सरकार श्रमिकों के हितों के लिए संवेदनशील है। - श्रीधर बाबू अडांकी, श्रम सचिव, उत्तराखंड

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