मेजर जनरल डा. जीडी बख्शी ने कहा कि अगले दस हजार साल में भी कोई ताकत जम्मू कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकता है। वह बोले कि कश्मीर के अलगाववादियों की मांग को मानने का मतलब होगा जिन्ना के द्विराष्ट्र सिद्धांत को मानना। अलगाववादियों की मांग भारत के बीस करोड़ मुस्लिमों के अस्तित्व के लिए खतरा बन जाएगी। इसलिए देश के मुसलमानों को अलगाववादियों के खिलाफ झंडा बुलंद करना चाहिए।
एक्ट फॉर इंडिया की तरफ से आयोजित सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए जनरल बख्शी ने कहा कि कश्मीर को अलग देश बनाना या अधिक स्वायत्ता देने का मतलब होगा कि धर्म के आधार पर कल मेरठ, मुज्जफरनगर, आजमगढ़, हैदराबाद, भटकल, भिवंडी में भी अलगाववादी मांग उठेगी। यह राष्ट्रीय आंदोलन में शामिल रहे मुस्लिमों व ब्रिगेडियर उस्मान व अब्दुल हमीद जैसे हजारों वीर देशभक्तों का अपमान होगा।
इसलिए सभी समुदायों को मिलकर देश की ताकत बढ़ाने का काम करना होगा। डनरल बख्शी बोले कि 1971 में इंदिरा गांधी ने महान इच्छा शक्ति का परिचय देकर पाकिस्तान को तोड़ा था। अब नरेंद्र मोदी में भी ऐसी ही इच्छा शक्ति है।
कश्मीर मामले के विश्वविख्यात विद्वान डा. सुशील पंडित ने कहा कि प्राचीन काल से ही कश्मीर भारत का हिस्सा रहा है। झूठे बुद्धिजीवियों व देशद्रोहियों ने कश्मीर के बारे में हजारों बेबुनियाद तथ्य पेश किये हैं। अनुवांशिकी के हिसाब से कश्मीरी भारत भूमि के सबसे पुराने लोगों में से एक हैं।
कश्मीरियों का अपना पुराण है। इस मौके पर उन्होंने पूर्व वैदिक काल से लेकर आज तक के कश्मीरी इतिहास का तथ्यात्मक ब्यौरा दिया। वह बोले कि कश्मीर धर्म व संस्कृति का ही नहीं बल्कि ज्ञान का बहुत बड़ा केंद्र रहा। उन्होंने कहा कि 1339 से लेकर आज तक प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से कश्मीर में विदेशी अत्याचार होता रहा।
मजहबी कट्टरपन के कारण हिंदुओं की आबादी सौ फीसदी से मात्र पंद्रह फीसदी रह गई। कश्मीर में आजादी की लड़ाई नहीं पाकिस्तान का कुटिल युद्ध व हिंसक जेहाद चल रहा है। जम्मू कश्मीर से हिंदुओं, देशभक्त मुसलमानों, सिखों, को खदेड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि आतंकियों व अलगाववादियों के खिलाफ नरसंहार हिंसा के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिये।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक वर्मा, डा. कुलदीप दत्ता, राजीव सच्चर, सरदार गुरदीप सिंह, सहोता, डा. अविनाश जुत्शी, पार्षद अमिता सिंह, डा. राकेश मोहन, डा. राजेंद्र पंत, रमेश बेरी, आरडी ढंाड, एसके धर, अमरेश अंबास्टा, संजय खशू, नवीन कार, रमेश भान, सुशील त्यागी, सुधीर शर्मा, सुभाष कथूरिया, भाजपा नेता गोविंद मोहन समेत हजारों लोग शामिल हुए।