बॉलीवुड फिल्म निर्देशक महेश भट्ट को उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां भा गई हैं। उन्होंने अपनी अगली फिल्म की शूटिंग मसूरी में करने का वादा किया है। इसके लिए वह 31 अक्तूबर को फिर उत्तराखंड आने वाले हैं।
एशियन स्कूल के 15वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत के लिए दून पहुंचे महेश भट्ट ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उत्तराखंड की खूबसूरत लोकेशंस की तारीफ की।
कहा कि गत वर्ष केदारनाथ आपदा के दौरान वर्कर्स एसोसिएशन के माध्यम से मुंबई में मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद आपदा प्रभावितों को नौकरी देने की पहल की गई थी।
बताया कि 31 अक्तूबर को अपने दोस्त राज चोपड़ा संग वह मसूरी समेत प्रदेश में कई लोकेशन देखने फिर उत्तराखंड आने वाले हैं। इन लोकेशंस पर अगली फिल्म शूट करेंगे। एशियन स्कूल के मालिक अमरजीत, प्रधानाचार्य एके दास, तरूण ज्योत जुनेजा, गगन ज्योत जुनेजा आदि उपस्थित रहे।
भाजपा को मिले सहयोग
हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भट्ट ने कहा कि भाजपा जिस तरह बहुमत के साथ उभरी है, उसके बाद पार्टी को हर तरह के अधिकार और विपक्ष से पूरा सहयोग मिलना चाहिए।
राजनेताओं को समझना चाहिए कि वे आपस में भले लड़ें, लेकिन अंतत: रहेंगे हिन्दुस्तानी ही। भट्ट ने कहा कि अपनी फिल्मों के माध्यम से वह सामजिक समस्याएं भी उठाते रहे हैं, हालांकि कई बार समाज ने उनकी फिल्मों में उठाए सवालों को बाद में प्रासंगिक माना।
बॉलीवुड में नहीं हो रहे एक्सपेरिमेंट
भट्ट ने कहा कि बॉलीवुड में नए प्रयोग से लोग बचते हैं। हालीवुड या साउथ की फिल्मों की रिमेक तैयार की जा रही हैं। इसमें खर्चा और जोखिम कम होता है, जबकि फिल्म हिट होने पर अच्छा फायदा।
भट्ट कहते हैं कि फिल्मकारों को समझना चाहिए कि हर जगह का टेस्ट अलग होता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आज के गलाकाट स्पर्धा के दौर में दर्शक भी हाल में गंभीर मुद्दों के बजाय ऐसी फिल्में देखने जाना पसंद करते हैं जो चंद पल उन्हें खुशनुमा माहौल दे। दर्शकों के मूड के हिसाब से ही गंभीर फिल्में कम बनने लगी हैं।
दूसरों के काम ना आए तो कैसी पढाई
भट्ट ने कहा कि पढ़ाई वही अच्छी है जो दूसरों के काम आए। यदि हम पढ़े-लिखे हैं लेकिन किसी बच्चे को पढ़ा ना पाएं, जरूरतमंदों का हाथ ना पकड़ पाएं तो ऐसी पढ़ाई का क्या करना। उन्होंने छात्रों से भी पढ़-लिखकर दूसरों की मदद करने को कहा।
रामायण ने लुभाया
स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में आकर्षण का केंद्र रही बालीवुड कोरियोग्राफर श्यामक डावर की कोरियोग्राफ की गई नृत्यात्मक रामायण की प्रस्तुति। मंच पर 300 छात्रों ने डांस, ड्रामा और म्यूजिक संग श्रीरामलीला मंचित की तो हाल तालियों से गूंज उठा।
राम जन्म, शास्त्र ज्ञान, सीता स्वयंवर, 14 सालों का वनवास सहित सभी दृश्य बेहद खूबसूरती के साथ दिखाए गए। झरना, वैष्णवी, अस्मित, रोजी आदि छात्रों ने नृत्य भी प्रस्तुत किया।
राम की भूमिका आर्यन चौधरी, सीता की पुलकिता सिंह, लक्ष्मण की मनीष, हनुमान की अक्षय, राजा दशरथ की निशांत अग्रवाल, कौशल्या की भूमिका आरती ने निभाई।