आगामी 35 वर्षों में करीब 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। भट्ट ने कहा कि हिमाचल सरकार इसे सार्वजनिक संपत्ति के आर्थिक उपयोग में बड़ी उपलब्धि मानती है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद महेंद्र भट्ट ने सरकारी भूमि व परिसंपत्तियों के उपयोग पर कांग्रेस के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण और राजस्व सृजन पर सभी दलों का दृष्टिकोण स्पष्ट होना चाहिए। भट्ट ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार का उदाहरण देकर कांग्रेस पर पलटवार किया।
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महेंद्र भट्ट ने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि शिमला स्थित वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के संचालन अधिकार ई-नीलामी से दिए गए हैं। इस व्यवस्था से सरकार को होटल के वार्षिक सकल राजस्व का 47.1 फीसदी हिस्सा मिलेगा।
आगामी 35 वर्षों में करीब 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। भट्ट ने कहा कि हिमाचल सरकार इसे सार्वजनिक संपत्ति के आर्थिक उपयोग में बड़ी उपलब्धि मानती है। ऐसे में उत्तराखंड में समान अध्ययन पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पटवाडांगर, एचएमटी रानीबाग, रामगढ़, डाकपत्थर और अलकनंदा होटल से जुड़े मामलों में भूमि उपयोग पर विचार हो रहा है। अभी कोई परियोजना शुरू नहीं हुई। प्रस्ताव, अध्ययन और अंतिम स्वीकृति में अंतर समझना जरूरी है।
आंदोलनों से व्यापार पर प्रभाव
महेंद्र भट्ट ने त्योहारों के दौरान आंदोलनों से व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री संगठन का हवाला दिया। संगठन ने हाल के प्रदर्शनों से व्यापार में हजारों करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया है। उन्होंने त्योहारों में बाजारों में निर्बाध व्यापार सुनिश्चित करने की मांग की। कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है। लेकिन छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और श्रमिकों की आजीविका का भी ध्यान रखना चाहिए। उत्तराखंड में किसी भी आंदोलन से स्थानीय व्यापार और आमजन की आवाजाही प्रभावित न हो। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह भूमि संबंधी प्रस्तावों पर ठोस तथ्यों के आधार पर सवाल उठाए।