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जागड़ा पर्व : लखनऊ के फूलों से महकेगी महासू नगरी

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महासू मदिंर हनोल। - फोटो : VIKAS NAGAR
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कालसी। एक सितंबर को हनोल में आयोजित होने वाले जागड़ा पर्व पर महासू नगरी को लखनऊ के फूूलों से सजाया जाएगा। मंदिर परिसर का गेंदा के फूूलों से भव्य शृंगार किया जाएगा। पर्व के दौरान हनोल की सड़कें दूधिया रोशनी से जगमगाएंगी। यह निर्णय मंगलवार को को महासू मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया। इस बार पर्व पर करीब 20 हजार लोगों के हनोल पहुंचने का अनुमान है।
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मंगलवार को एसडीएम चकराता और महासू मंदिर प्रबंधन समिति की पदेन अध्यक्ष डॉ. अपूर्वा सिंह ने पर्व की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने पर्व को देखते हुए इस बार लखनऊ से फूल मंगाने का निर्णय लिया। साथ ही लोनिवि के अधिकारियों को क्षेत्र की सभी सड़कों से मलबा हटाने और गड्ढों को भरने के निर्देश दिए। निर्णय लिया गया कि पर्व के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। एसडीएम ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। कहा कि पर्व के तहत क्षेत्र की सड़कों पर अतिरिक्त वाहन चलाए जाएं।
उन्होंने जल संस्थान और ऊर्जा निगम के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पर्व में श्रद्धालुओं के सामने बिजली और पानी की समस्या पेश नहीं आनी चाहिए। एसडीएम ने कहा कि मेले को शांतिपूर्वक संपन्न कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस मौके पर मंदिर समिति के पदेन उपाध्यक्ष तहसीलदार केडी जोशी, सचिव मोहनलाल सेमवाल, परिवहन कर अधिकारी रत्नाकर सिंह, थानाध्यक्ष बीएल भारती, कनिष्ठ अभियंता जल संस्थान बीएस सजवाण, एनडी पंवार, राजेंद्र चौहान, देवराज पुंडीर आदि मौजूद रहे।
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यहां भी रहेगी पर्व की धूम
हरितालिका तीज पर महासू मंदिर हनोल के साथ ही थैना, बिसोई, लखवाड़, टगरी, गबेला, कोटी, विशायल, भंजरा समेत क्षेत्र के अन्य मंदिरों में भी जागड़ा पर्व का आयोजन किया जाएगा। जौनसार बावर क्षेत्र में जागड़ा पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व सावन मास के बाद देवता की पूजा-अर्चना से जुड़ा हुआ है। इस पर्व पर जौनसार बावर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में उमड़ते हैं।
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