राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की बड़ी बहन 91 वर्षीय पार्वती कोश्यारी उर्फ परुली दीदी अपने भतीजे दिलीप सिंह चुफाल के साथ धारचूला में रहती थीं। दो माह पूर्व वह सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गई थीं। अक्तूबर माह में भैया दूज के दिन राज्यपाल कोश्यारी भी उनका हाल जानने धारचूला आए थे। परुली दीदी का पहले धारचूला में उपचार किया गया।
तबियत अधिक बिगड़ने पर 15 दिन पहले ही उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली। शनिवार को उनकी पार्थिव देह धारचूला ले जाई गई। परुली दीदी के भाई नंदन सिंह कोश्यारी, जगत सिंह कोश्यारी, भतीजे डा.हरीश और मनीष सहित अन्य परिजन भी धारचूला पहुंचे। सैकड़ों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने बैंड बाजे की धुन के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। स्थानीय घाट पर उनके भतीजे दिलीप सिंह चुफाल ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में भाजपा जिला महामंत्री गिरीश जोशी, भाजपा ब्लाक अध्यक्ष धन सिंह धामी, अशोक नबियाल, रुकुम बिष्ट, देवी दत्त उपाध्याय, भीम सिंह रावत, भूपेंद्र थापा, होशियार खेर, ओपी कापड़ी, ओपी वर्मा, इरसाद अहमद सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। परुली दीदी का निधन होने के कारण महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अगले तीन-चार दिन के भीतर धारचूला आ सकते हैं।