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Dehradun: महापंचायत में उमड़ी भीड़, अंकिता भंडारी के माता पिता और पूर्व सीएम हरीश रावत भी पहुंचे

Sun, 08 Feb 2026 12:31 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से वीआईपी का नाम उजागर करने की मांग कई संगठन कर रहे हैं। इसको लेकर आज देहरादून में महापंचायत की जा रही है। 
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अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर महापंचायत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अंकिता न्याय यात्रा संघर्ष मंच के नेतृत्व में परेड ग्राउंड के पास महापंचायत हुई। इसमें पांच प्रस्ताव पारित किए गए। सवाल उठाया गया कि अंकिता भंडारी के माता-पिता के शिकायती पत्र के आधार पर क्यों सीबीआई जांच नहीं की जा रही है। महापंचायत में अंकिता के माता-पिता भी शामिल हुए। मांग की गई कि मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो।

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महापंचायत में देहरादून के साथ ही उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचे। इसमें शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अन्याय के खिलाफ पूर्व सैनिक, न्याय की आशा की ज्योत जलाने वाले, सभी आंदोलनकारी, राजनीतिक दल, इंडिया गठबंधन समेत कई दलों के लोग एकजुट होकर महापंचायत में शामिल हुए। जब न्याय की लड़ाई होती है तो सब बराबर के भागीदार होते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति से बड़ी जनभावना है। उत्तराखंड की जनभावना है कि बेटी के साथ जिसने भी ये किया है, चाहे वो कितना ही बड़ा व्यक्ति हो उसे सामने लाया जाना चाहिए।

महापंचायत में मांग उठी कि पर्यावरणविद् अनिल जोशी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर नहीं बल्कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार को ध्यान में रखकर जांच हो। 15 दिनों के अंदर हत्याकांड में शामिल वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ तो उत्तराखंड की जनता जन आंदोलन के लिए बाध्य होगी। वहीं, अन्य वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी के इंसाफ की आवाज को कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।
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तीनों आरोपियों की निकाली जाए कॉल डिटेल : अंकिता के पिता
अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि तीनों आरोपियों की कॉल डिटेल निकाली जाए और जो वीआईपी हैं उनकी भी कॉल डिटेल निकाली जाए। हम कोई समझौता करने या बिकने वाले नहीं हैं।

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