100 करोड़ की संपत्ति का झगड़ा
महंत रामानंद पुरी ने बताया कि वह जिस आश्रम एवं संस्थान में पदाधिकारी हैं, उसकी कुल संपत्ति करीब सौ करोड़ रुपये की है। उन्हें बंधक बनाने और खुद पदाधिकारी बनने की साजिश के पीछे संपत्ति कब्जाना ही है। उन्होंने बताया कि रामानंद इंस्टीट्यूट में करीब ढाई हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं।
सूचना पर पहुंची पुलिस
प्रेस क्लब में किसी अपहृत बाबा की पत्रकार वार्ता की जानकारी मिलते ही पुलिस और खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया। अफवाह फैली कि हरिद्वार से कुछ माह पहले जिस बाबा (मोहनदास) का अपहरण हुआ था, वही पत्रकार वार्ता कर रहे हैं। अधिकारियों के फोन घनघनाने शुरू हो गए। पुलिस बल प्रेस क्लब पहुंच गया। हालांकि, महंत रामानंद पुरी की पत्रकार वार्ता की जानकारी मिलने के बाद वे लौट गए।
निरंजनी अखाड़ा, हरिद्वार के सचिव महंत रामानंद पुरी ने अपनी शिकायत सौंपी है। इसके अनुसार, एसएसपी हरिद्वार को कृष्ण कुमार वीके को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
-अशोक कुमार, एडीजी कानून व्यवस्था
आरोपों को बताया बेबुनियाद
महंत रामानंद पुरी की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में जब महंत रविंद्र पुरी का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। लेकिन निरंजनी अखाडे़ के ही वरिष्ठ संत अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज का कहना है कि महंत रामानंद पुरी के आरोप बेबुनियाद हैं। कहा कि रामानंद पुरी पिछले कई दिनों से उनके पास इलाहाबाद में थे, जिन्हें कुछ लोग एक कार्यक्रम में शिरकत कराने के लिए कहकर ले गए थे। बताया कि इन लोगों के खिलाफ अपहरण के आरोप में पुलिस को तहरीर दी गई है।