अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि धार्मिक संपत्तियों पर कब्जा करने वाले असामाजिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाकुंभ 2021 से पहले हरिद्वार में जितनी भी आश्रम अखाड़ों की धार्मिक संपत्ति हैं उन्हें प्रशासन को कब्जामुक्त कराना चाहिए। अन्यथा संत समाज सख्त विरोध करेगा।
उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा कि धार्मिक संपत्तियों का उपयोग संत समाज परोपकार के कार्यो के लिए करता है। श्रद्धालुओं को आवास आदि की सुविधा भी धार्मिक स्थानों पर उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन, कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए धार्मिक संपत्तियों पर नजर गड़ाए हैं। संपत्तियों पर कब्जा करने के प्रयास की जानकारी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को प्राप्त हुई है, जिसका संज्ञान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ले रही है।
जल्द ही अखाड़ा परिषद के संतों की बैठक बुलाकर इस पर कार्रवाई का ऐलान किया जाएगा। संत का चोला पहनाकर भूमाफिया का काम करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संतों व सनातन परंपराओं को बदनाम करने वालों का संत समाज से बहिष्कार किया जाएगा। श्री पंचायती निर्मल अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने बताया कि अखाड़े के संतों के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से मिलकर उनसे भी इक्कड़ कलां स्थित अखाड़े की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा किए जाने के प्रयासों को रोकने की मांग की है। कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि अखाड़े की संपत्ति को खुर्द बुर्द नहीं होने दिया जाएगा।