अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदास ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी कुंभ शब्द का इस्तेमाल अपने हित साधन के लिए कर रही है। देश की जनता से आग्रह है कि वह मंत्रियों के धोखे में न आए।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह यदि संस्कृति के रक्षक है तो उन्हें फर्जी कुंभ आयोजित कर रहे भाजपा मंत्री को बर्खास्त कराना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के मंत्री पर लगाए आरोप
श्रीमहंत ज्ञानदास ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक मंत्री ब्रजमोहन अग्रवाल राजिमनगर में प्रतिवर्ष निजी स्वार्थों के कारण कुंभ मेले का आयोजन करते हैं।
पढ़ें, फैक्ट्री में धमाकों से दहली रुड़की
कुंभ का नाम दुरुपयोग कर देशवासियों को राजिम बुलाया जाता है और धन वसूली की जाती है। साथ ही, जनता की गाढ़ी कमाई को फर्जी कुंभ के आयोजन में झोंका जाता है। ऐसा पहले बिहार के एक नगर में भी हो रहा था, जिसे अखाड़ा परिषद् के विरोध पर बंद किया गया।
केवल चार कुंभ का प्रावधान
श्रीमहंत ज्ञानदास ने गंगासागर पर दूरभाष पर बताया कि विश्व में कुंभ केवल हरिद्वार, प्रयाग, नासिक और उज्जैन में भरते हैं। और कहीं भी कुंभ का कोई प्रावधान नहीं है।
पढ़ें, विभागों को लेकर हरीश के खिलाफ फूटा असंतोष
प्रयाग के बाद अगला कुंभ अब नासिक में भरेगा। छत्तीसगढ़ में लगाया गया कुंभ कतई फर्जी है।
मांगा मंत्री का इस्तीफा
ज्ञानदास ने कहा कि जो पार्टी संस्कृति की दुहाई देकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहती है, वह यदि फर्जी कुंभ लगाएगी तो धर्म समाज भाजपा का साथ नहीं देगा।
पढ़ें, बदरीनाथ रावल के खिलाफ डटी है पीड़िता
उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ के मंत्री को तत्काल रमनसिंह मंत्रीमंडल से बर्खास्त कराएं तथा कुंभ नाम के दुरुपयोग को रोकें। ऐसा न हुआ तो अखाड़ा परिषद् भाजपा को दोषी मानकर कोई निर्णय ले सकती है।