फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाकुंभ 2021 : कोरोना संक्रमण की परिस्थितियां तय करेंगी पहले स्नान का स्वरूप

Wed, 02 Dec 2020 09:07 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
- फोटो : AMAR UJALA FILE PHOTO
विज्ञापन

कुंभ के पहले स्नान यानी मकर संक्रांति पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति बिगड़ी तो स्नान रद्द किया जा सकता है। ऐसे में भीड़ को रोकना और उसे लौटाना बहुत बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए अभी से विचार किया जा रहा है। डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार, स्थानीय फोर्स की तैनाती और बाहर से फोर्स मंगाने जैसे निर्णय कुछ माह पहले ही तय किए जाते हैं, लेकिन इस बार मार्च 2020 से ही कोविड के कारण लॉकडाउन लग गया, जिससे सारे काम पिछड़ गए। यदि कोविड की स्थिति काबू में रही तो कुंभ का स्वरूप भी बड़ा हो सकता है। कुंभ में स्नान घाटों को भी सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर ही तैयार कराया गया है। 

विज्ञापन


उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि कुंभ में कोविड-19 महामारी की रोकथाम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कुंभ स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की सेहत की सुरक्षा का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

विज्ञापन

संक्रमण रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता

सरकार पूरी ताकत के साथ तैयारी में जुटी है। कुंभ में कोरोना महामारी की तैयारी को लेकर हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने के सवाल पर कौशिक ने कहा कि सरकार अदालत में अपना पक्ष रखेगी। कुंभ मेले की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

यह करना होगा

सख्ती : सड़क और रेलमार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को मेला क्षेत्र में मौजूद श्रद्धालुओं की संख्या के अनुपात में घाट की ओर जाने और रोकने की व्यवस्था अपरिहार्य होगी।
सुनियोजित स्नान : कुंभ के दौरान जिले में प्रवेश से पहले ही श्रद्धालुओं का पंजीकरण कर उनके लिए शिविर, घाट और स्नान का समय तय कर उनकी घर वापसी के इंतजाम करने होंगे।
सहयोग : उत्तराखंड ही नहीं पड़ोसी राज्यों को भी अपने श्रद्धालुओं को कोरोना जांच कर रवाना करने और चरणबद्ध तरीके से भेजने की मदद लेनी होगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें