सीएम को बताया कि इस बैठक में कुंभ का पूरा चार्ट तैयार कर लिया जाएगा, जिसे 11 अक्तूूबर को सीएम को सौंपा जाएगा। अखाड़ों से उनका प्लान लेने के लिए सीएम 11 अक्तूबर को ही हरिद्वार में बैठक करेंगे। उन्होंने बताया कि समूचा मेला नीलधारा के उस पार जाना बहुत जरूरी है। ऐसा हुए बगैर करोड़ों की भीड़ को संभालना मुश्किल हो जाएगा। अखाड़े अपनी पेशवाइयां भी नीलधारा की छावनियों में करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सीएम ने आश्वासन दिया कि सभी कार्य समय से पहले पूरे कर लिए जाएंगे।
महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने पूर्व के अनेक कुंभ मेलों का हवाला देते हुए सबसे बेहतर व्यवस्थाओं पर जोर दिया। उन्होंने सीएम को बताया कि यह यात्रा सौ वर्ष से अधिक पुरानी है। कुछ कारणों से यात्रा बीच में रोक दी गई थी। हरिगिरि ने बताया कि अगले वर्ष शुरू होने वाली पैदल यात्रा में सभी अखाड़े और हजारों नागा संन्यासी भाग लेंगे। इस दौरान शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।