कुंभ और पर्व स्नान पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ हरिद्वार उमड़ने की संभावना है। मेला पुलिस-प्रशासन ने हर परिस्थितियों के हिसाब से अलग-अलग प्लान तैयार किए हैं। केंद्र सरकार से कुंभ की एसओपी जारी होने के बाद कोविड-19 के बीच सुरक्षित कुंभ आयोजन कराना सबसे बड़ी चुनौती है। अत्यधिक भीड़ उमड़ने पर श्रद्धालुओं को होल्ड एरिया में रोका जाएगा। होल्ड एरिया से बारी-बारी से श्रद्धालुओं को घाटों तक जाने की अनुमति दी जाएगी ताकि संक्रमण के खतरे से बचा जा सके।
कुंभ मेले के शाही स्नानों पर देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने पहुंचते हैं। पर्व स्नानों पर भी उत्तर भारत से श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंचती है। कोरोनाकाल में कुंभ आयोजन को लेकर मेला पुलिस-प्रशासन के लिए दोहरी चुनौती है। कोरोना संक्रमण का खतरा भले ही कम हो रहा है, लेकिन अभी टला नहीं है।
हरिद्वार में स्नान के लिए 72 घाट बनाए गए हैं। घाटों का विस्तारीकरण होने से भीड़ नियंत्रण में पिछले कुंभ की तुलना में मेला पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी, लेकिन भीड़ को लेकर अभी असमंजस की स्थिति बनी है। डीपीजी अशोक कुमार ने उत्तराखंड पुलिस के फेसबुक पेज पर कुंभ तैयारियों को लेकर पुलिस की भावी योजनाओं को शेयर किया है। डीपीजी ने कहा कि पुलिस ने हर परिस्थितियों के हिसाब से प्लान तैयार किए हैं।
अधिक भीड़ होने पर शहरी और आउटर क्षेत्र में होल्ड एरिया बनाए जाएंगे। इससे घाटों पर श्रद्धालुओं के दबाव को नियंत्रित किया जाएगा। घाटों पर स्नान कर लौटते ही होल्ड एरिया के श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा। इससे संक्रमण से बचाव होगा। हरकी पैड़ी के अलावा अन्य घाटों पर भी स्नान के लिए श्रद्धालुओं को प्रेरित और जागरूक किया जाएगा ताकि हरकी पैड़ी पर दबाव नियंत्रण के साथ सामाजिक दूरी का पालन हो सके।