तीर्थ नगरी हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेला में कोविड जांच और दो गज की शारीरिक दूरी और मास्क पहनने का पालन करना बड़ी चुनौती रहेगी। वहीं, बाहरी राज्यों आने वाले श्रद्धालुओं की कोविड निगेटिव रिपोर्ट की जांच करने के लिए व्यापक इंतजाम करने होंगे।
हरिद्वार कुंभ में कोविड महामारी के नियमों का पालन और संक्रमण को रोकना स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। केंद्र सरकार ने कुंभ ने लिए एसओपी जांच की है। इसमें कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट लाने पर गंगा में डुबकी लगाने की अनुमति होगी।
केंद्र ने शारीरिक दूरी और मास्क पहनने की अनिवार्यता का पालन करने को कहा है। हालांकि वर्तमान में प्रदेश में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है। कुंभ में उमड़ने वाली भीड़ से संक्रमण को काबू करना बड़ी चुनौती है। एक दिन में लाखों श्रद्धालुओं की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट की सीमाओं पर जांच करना आसान नहीं होगा।
इसके साथ ही घाटों पर क्षमता से अधिक भीड़ जुटने पर शारीरिक दूरी का पालन किस तरह किया जाएगा। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि केंद्र की एसओपी के अनुसार व्यवस्था करने पर विचार विमर्श चल रहा है। इसमें सैंपल जांच की व्यवस्था के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट की जांच किस तरह की जाएगी। इसके लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।