कोविड-19 के बढ़ते मरीजों ने कुंभ मेला एवं जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते चार महीने बाद बुधवार को सबसे अधिक 62 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। बाहरी राज्यों से श्रद्धालुओं के आवागमन से संक्रमण के फैलाव बढ़ रहा है।
अभी नहीं संभले तो अप्रैल के कुंभ स्नान तक हालात बेकाबू होने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बुधवार को 62 नए कोरोना के मरीज मिले हैं। नए मरीजों को मिलाकर जिले में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 148 पहुंच गई है। इनमें 32 मरीज कोविड केयर सेंटरों में भर्ती हैं।
बाकी होम आइसोलेशन में हैं। सीएमओ डॉ. एसके झा के मुताबिक बुधवार को तीन मरीज कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज हुए, जबकि एक मरीज की होम आइसोलेशन की अवधि पूरी हुई है। बुधवार को 5547 लोगों के सैंपल लिए गए।
गर्भवती महिला समेत 12 लोग संक्रमित
बुधवार को पॉजिटिव आए 62 मरीजों में बहादराबाद ब्लॉक की एक गर्भवती भी शामिल है। बहादराबाद में 12 मरीजों को फ्लू की शिकायत थी। फ्लू क्लीनिक में जांच कराने पर संक्रमित मिले हैं। इनके अलावा 24 मरीजों ने कोरोना के लक्षणों के चलते जांच कराई और पॉजिटिव आए हैं। रुड़की ब्लॉक के 21 मरीज हैं। हरिद्वार अर्बन में प्राइमरी कॉन्टेक्ट के चार लोग पॉजिटिव आए हैं।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि कहीं से भी हरिद्वार कुंभ में आने के लिए 72 घंटे पहले की कोविड की निगेटिव रिपोर्ट लेकर आना जरूरी होगा।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश का कहना है कि उच्च न्यायालय के यह स्पष्ट निर्देश हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि लोग चाहे तों टीकाकरण की रिपोर्ट भी ला सकते हैं। दोनों में से किसी एक के होने पर कुंभ के दौरान स्नान की अनुमति दी जाएगी।
नेतृत्व परिवर्तन के बाद नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कुंभ में आने पर कोई रोक नहीं होगी। उन्होंने इतना जरूर कहा कि केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करना होगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री के कहने का आशय यही माना जा रहा था कि कुंभ में स्नान के लिए आने वालों को कोविड रिपोर्ट की बंदिश से छुटकारा मिल जाएगा, पर अब मुख्य सचिव ने स्थिति साफ कर दी है।