गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसाता है। ये जरूरी नहीं कि सामने जो लड़की बातें कर रही है, वह वास्तव में लड़की ही हो। कई बार पुरुष एजेंट महिला बन कर बातें करते हैं। गिरोह की लड़कियां फर्जी आईडी पर लिए गए मोबाइल नंबरों से बातचीत और व्हॉट्सएप चैटिंग करती हैं।
इस दौरान लोगों की अंतरंग तस्वीरें, बेहद निजी राज आदि जान लिए जाते हैं। फिर ब्लैकमेल करने में उनका इस्तेमाल किया जाता है। कई मामलों में हनीट्रैप में फंसाने के लिए लड़की खुद को विदेशी मूल का बताकर दोस्ती करती है।
हनीट्रैप से ऐसे बचें
- अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती करने से बचें।
- सोशल मीडिया पर किसी से निजी सूचना, फोटो, वीडियो साझा न करें।
- कितना भी गहरा दोस्त क्यों न हो, उससे अपनी अंतरंग फोटो साझा न करें।
- कुछ भी संदिग्ध होने पर पुलिस को सूचना दें।
- ऐसे मामलों में पुलिस आपकी सूचना और पहचान सार्वजनिक किए बिना जांच करेगी।
ऐसे सभी मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस और साइबर टीम शिकायत पर जांच कर रही हैं। लोगों को ऐसे मामलों में सतर्कता बरतना जरूरी है। सतर्कता से ही ऐसे मामलों से बचा जा सकता है।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात