मेला पुलिस का ट्रैफिक प्लान कारगर साबित हुआ। लाखों की भीड़ और सड़कों पर भारी संख्या में वाहनों का दबाव बढ़ने के बाद भी लोगों को जाम से नहीं जूझना पड़ा। पहले से ही रूट और पार्किंग निर्धारित होने से वाहनों का आवागमन आसानी से होता रहा। कई जगहों पर यातायात परिवर्तित भी किया गया।
ट्रेनों में दिखी यात्रियों की भीड़
शनिवार की सुबह मेला क्षेत्र में हर तरफ यात्रियों की भीड़ नजर आई। रेलवे स्टेशन से यात्रियों का रैला हरकी पैड़ी की तरफ जाता नजर आया। वहीं दूसरे राज्यों से आने वाली परिवहन निगम की बसों में गिनती के ही यात्री नजर आए। रोडवेज ने माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर तैयारियां कर रखी थी। स्नान के बाद वापस जाने वाली सवारियों के लिए काफी देर तक बस चालकों को इंतजार करना पड़ा। यहीं हाल दूसरे प्रदशों से आने वाली बसों का रहा।
पुलिस ने रुकने नहीं दी भीड़
‘तीन डुबकी एक स्नान’ फार्मूले के साथ पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को स्नान कराया। गंगा घाटों पर बैठकर न तो किसी को खाना खाने दिया और न ही हरकी पैड़ी समेत अन्य घाटों पर भीड़ जमा होने दी। शनिवार की सुबह से ही श्रद्धालु घाटों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। हरकी पैड़ी समेत सभी घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। हरकी पैड़ी क्षेत्र के सभी पुलों पर भी पुलिसकर्मी तैनात नजर आए। ताकि पुलों पर भी भीड़ एकत्र न हो। पुलिसकर्मी मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं से मास्क व सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए भी नजर आए।
चप्पे-चप्पे पर रही निगरानी
माघ पूर्णिमा स्नान पर जल से थल तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने के साथ ही वॉच टॉवरों से निगरानी की गई। हरकी पैड़ी क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी की गई। मेला नियंत्रण भवन में बने आधुनिक कंट्रोल रूम में लगे विशेष सीसीटीवी से पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी। उत्तराखंड पुलिस के जवानों के साथ ही अर्द्धसैनिक बल और एनएसजी के कमांडो तैनात रहे। डॉग स्क्वायड के साथ भी चेकिंग की गई। हरकी पैड़ी क्षेत्र में कई जगह पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। हरकी पैड़ी पर बने वॉच टॉवर के अलावा अन्य ऊंचाई वाले स्थानों पर स्नाइपर भी तैनात किए गए थे।
माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। स्नान के लिए उत्तर भारत के राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना थी। इसको लेकर जिला, मेला और पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां कर ली थीं। माघी पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ उदित होता है। हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। गंगा समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर दान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
शनिवार को होने वाले स्नान के लिए शुक्रवार रात से ही श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने शुरू हो गए थे। पूर्णिमा की सुबह तड़के से हरकी पैड़ी समेत गंगा घाटों पर स्नान शुरू हो गया।
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नौ जोन और 23 सेक्टरों में बांटा मेला क्षेत्र
माघ पूर्णिमा के स्नान को लेकर कुंभ मेला पुलिस ने हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र को नौ जोन और 25 सेक्टरों में बांटा गया था। इनमें एक सेक्टर जीआरपी व यातायात का भी बनाया गया। इसके साथ ही ड्यूटी लगा दी गई थी। प्रत्येक जोन में प्रभारी अधिकारी के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक और सेक्टरों में पुलिस उपाधीक्षक को नियुक्त किया गया।
श्रद्धालुओं की होगी रैंडम सैंपलिंग
माघ पूर्णिमा स्नान पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बॉर्डर एवं मेला क्षेत्र में कोरोना की रैंडम सैंपलिंग की गई। एंटीजन जांच के लिए पचास टीमें लगाई गईं। कोविड के नए स्ट्रेन से प्रभावित पांच राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं पर अधिक फोकस रहा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से कोविड की 72 घंटे पहले कि आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाने की अपील भी की थी। मेला क्षेत्र में 100 एंबुलेंस गंभीर बीमारों और कोविड पॉजिटिव को आइसोलेशन सेंटर तक पहुंचाने के लिए तैनात रहे।
माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर कुंभ आईजी संजय गुंज्याल ने पुलिस कर्मियों को ब्रीफ किया था। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मियों को स्नान शुरू होने से खत्म होने तक अलर्ट रहना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वीकेंड के चलते दो दिन बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं।
भल्ला कॉलेज के स्टेडियम में अस्थायी कुंभ पुलिस लाइन में आईजी संजय गुंज्याल और अन्य पुलिस अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों एवं अर्द्धसैनिक बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने कहा कि लगभग सभी अखाड़ों की पेशवाई सज चुकी हैं। माघ पूर्णिमा से कुंभ का आरंभ माना जाता है। परिस्थितियों के अनुसार जो भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए जाए। सभी सेक्टर इंचार्ज हर दो घंटे में अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट की स्थिति मेला कंट्रोल रूम को बताएं। जिलाधिकारी सी रवि शंकर ने कहा कि अभी तक हुए स्नानों ने शाही स्नानों को कराने के अभ्यास का मौका दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने कहा कि छोटी लापरवाही समस्या खड़ी कर सकती है। एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूरी ने कहा कि इस स्नान पर्व पर पिछले 3 स्नानों से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पुलिस उपाधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल ने आपसी संपर्क के लिए स्थापित किए रेडियो ग्रिड व्यवस्था के बारे में बताया।
माघ पूर्णिमा स्नान के लिए पंजाब से सबसे अधिक श्रद्धालु कुंभनगरी पहुंचे। इसके अलावा हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र से देव डोलियों को स्नान के लिए लाया गया था। ढोल-दमाऊं की पर नाचते श्रद्धालुओं को हर कोई मंत्रमुग्ध होकर निहार रहे थे। कई लोगों ने देव डोलियों के समक्ष श्रद्धा भाव से शीश नवाया।
घाटों पर भी भीड़ नियंत्रण के लिए थे इंतजाम
गंगा घाटों श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए भी प्रशासन और पुलिस ने विशेष इंतजाम किए थे। इसके लिए सीसीआर, गऊघाट, पंतद्वीप के पास आने वाले श्रद्धालुओं के संकरा रास्ता बनाया गया था। जबकि जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अपेक्षाकृत बड़ा रास्ता था। इसके साथ घाटों पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लोगों को स्नान के बाद बाहर जाने की अपील भी कर रहे थे।
माघ पूर्णिमा पर बॉर्डर पर उमड़ा सैलाब, पुरकाजी तक जाम
माघ पूर्णिमा पर नारसन बॉर्डर पर दूसरे प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का जैन सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बॉर्डर से हरिद्वार की सीमा में प्रवेश किया। इस दौरान बॉर्डर पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग, 6700 श्रद्धालुओं की एंटीपीसीआर और एंटीजन जांच हुई। जबकि 3230 श्रद्धालु अपनी कोरोना जांच लेकर बॉर्डर पर पहुंचे। बॉर्डर पर भारी भीड़ जुटने से करीब दो किलो मीटर तक जाम लग गया। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी।