भगवान कृष्ण से भी है इस स्थान का जुड़ाव
ओंकारेश्वर मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह पौराणिक कथा से भी जुड़ा है कहते हैं कि यहीं भगवान कृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध और बाणासुर की पुत्री उषा का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह वेदी आज भी मंदिर परिसर में विद्यमान है और इसी कारण यह स्थल अब पारंपरिक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उभर रहा है।
ये भी पढे़ं...Dehradun: ग्रीन-टी और कॉफी पीने के शौकीनों के लिए चिंता की खबर, ठंड में कर रहे हैं अधिक सेवन तो दिल को नुकसान
रुद्रप्रयाग में लगने वाले मेले
- गुप्तकाशी का जाख मेला
- त्रियुगीनारायण का भावना द्वादशी मेला
- अगस्त्यमुनि का मंदाकिनी शरदोत्सव मेला
- जखोली का कृषि औद्योगिक मेला