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द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट हुए बंद, केंद्रीय मंत्री उमा समेत 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Wed, 22 Nov 2017 08:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट बुधवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। बाबा की चल विग्रह उत्सव डोली भक्तों के साथ पहले पड़ाव गौंडार गांव पहुंच गई है। 25 नवंबर को भगवान पंचकेदार शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होंगे। शीतकाल के छह माह ऊखीमठ में ही भगवान की पूजा-अर्चना होगी।
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मद्महेश्वर धाम में बुधवार को तड़के तीन बजे से ही भगवान की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। प्रात: 4.15 बजे मुख्य पुजारी राजेशेखर लिंग ने भगवान मद्महेश्वर को भोग लगाकर आरती की। इसके बाद अन्य धार्मिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए प्रात: छह बजे से समाधि पूजा शुरू की गई।

इसके बाद विधि-विधान से बाबा मद्महेश्वर की भोग मूर्तियों को सभामंडप में विराजमान किया गया। पंच गौंडारियों (गौंडार गांव के हक-हकूकधारियों) ने डोली का श्रृंगार कर भोग मूर्तियों को उसमें विराजमान किया।
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प्रात: साढ़े आठ बजे विधि-विधान के साथ बाबा मद्महेश्वर की चल विग्रह डोली के मंदिर की परिक्रमा पूरी करते ही मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित 250 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।
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केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने की महाभिषेक पूजा

इसके बाद डोली शीतकालीन गद्दी स्थल के लिए प्रस्थान करते हुए खटरा, नानू, बणतोली होते हुए दोपहर 12.30 बजे गौंडार गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने डोली का भव्य स्वागत किया। इस मौके पर डोली प्रभारी अनूप पुष्पवाण, नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल, राजस्व उप निरीक्षक मोहन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, ग्राम प्रधान नरोत्तम राणा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

उमा ने की महाभिषेक पूजा
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भगवान मद्महेश्वर की महाभिषेक पूजा की। वे रात्रि दो बजे उठ गई थी। तीन बजे उन्होंने मंदिर में प्रवेश किया और मुख्य पुजारी राजशेखर लिंग के हाथों महाभिषेक पूजा कराई। करीब सवा घंटे पूजा-अर्चना के बाद केंद्रीय मंत्री ने मत्था टेका और मंदिर से बाहर आई।

इससे पूर्व बीते मंगलवार को दोपहर को वे मंदिर पहुंची। दर्शन के उपरांत वे बूढ़ा मद्महेश्वर गई और वहां दर्शन किए। केंद्रीय मंत्री ने मध्य हिमालय क्षेत्र के नजारों का भी आनंद लिया। इसके उपरांत वे बाबा मद्महेश्वर की आरती में भी शामिल हुई। बुधवार को केंद्रीय मंत्री प्रात: 7 बजे मंदिर से वापसी करते हुए ऊखीमठ के रास्ते रुद्रप्रयाग पहुंची और कुछ देर विश्राम के बाद देहरादून के लिए रवाना हो गई।

आराध्य के स्वागत को सांस्कृतिक संध्या
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के शीतकालीन गद्दी स्थल आगमन पर डोली के पहले पड़ाव गौंडार गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में खासा उल्लास है। आराध्य के आगमन पर गांव में धार्मिक और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है। आराध्य के स्वागत में महिला व युवक मंगल दल द्वारा रात्रि जागरण किया जाएगा। बृहस्पतिवार को भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली प्रात: 8 बजे प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए दूसरे पड़ाव रांसी गांव पहुंचेगी।
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