विजय दशमी के पावन पर्व पर द्वितीय केदार बाबा मद्महेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथि पूर्व परंपरानुसार निकाली गई।
शुभ मुहूर्तानुसार बाबा मद्महेश्वर के कपाट 22 नवंबर को बंद होंगे। इसके बाद बाबा की उत्सव डोली गौंडार, रांसी, गिरिया होते हुए 25 नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। शीतकाल के छह माह बाबा मद्महेश्वर की पूजा-अर्चना ऊखीमठ में ही होगी।
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कपाट बंद करने की तिथि घोषित
रविवार को ब्राह्मणखोली के हकहकूकधारी ब्राह्मण बचीराम सेमवाल, विश्वमोहन जमलोकी, नवीन मैठाणी और आचार्य हर्ष जमलोकी ने पंचांग गणना के अनुसार बाबा मद्महेश्वर मंदिर के कपाट बंद करने की तिथि घोषित की।
मंदिर के कपाट 22 नवंबर को प्रात: आठ बजे पारंपरिक विधि अनुसार बंद होंगे। इसी दिन बाबा की उत्सव डोली रात्रि प्रवास के लिए गौंडार गांव पहुंचेगी।
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शीतकालीन गद्दीस्थल पर विराजमान
गौंडार में रात्रि प्रवास के बाद 23 नवंबर को उत्सव डोली रांसी, 24 को गिरिया में रात्रि प्रवास कर 25 नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। वहां ब्राह्मणों और पुजारियों द्वारा बाबा को शीतकालीन गद्दीस्थल पर विराजमान किया जाएगा।