हस्तलिखित पासपोर्ट अब मान्य नहीं होंगे। ऐसे पासपोर्ट पर अब वीजा मिलना मुश्किल हो जाएगा। वीजा हासिल कर भी लिया तो आप विदेश में मुसीबत में फंस सकते हैं।
इसलिए ऐसे पासपोर्ट धारक मशीन पठनीय पासपोर्ट बनवा लें। उत्तराखंड में हस्तलिखित पासपोर्ट की संख्या हजारों में बताई गई है। इसलिए उत्तराखंड क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने भी इस पर काम शुरू कर दिया है। गैर मशीन पठनीय पासपोर्ट (ऐसी पासपोर्ट बुकलेट जिसमें पासपोर्टधारक का नाम, पता, जन्म तिथि आदि जरूरी जानकारियां हाथ से लिखी गई हों) 24 नवंबर 2015 से पूरी तरह अमान्य घोषित हो जाएंगे। ऐसे पासपोर्ट भारत में वर्ष 2001 से पहले जारी होते थे।
इनमें कई नागरिकों के पासपोर्ट ऐसे हैं, जिनकी वैधता पूर्व में जारी तिथि के तहत अब भी बरकरार है। लेकिन, नए अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत हस्तलिखित पासपोर्ट धारक, जिन्हें पूर्व में वैधता अवधि 24 नवंबर 2015 से अधिक की जारी की गई थी, उन्हें भी पासपोर्ट री इश्यू कराने होंगे। पासपोर्ट नए नियमों की जरूरी औपचारिकता के तहत ही बनेंगे।
विदेश में हैं तो भी कराएं री इश्यू
अगर आपके कोई परिचित या रिश्तेदार विदेश में हों और उनके पास हस्तलिखित पासपोर्ट है, तो नए नियम के बारे में उन्हें भी जागरूक करें। वे उस देश में दूतावास में संपर्क कर सकते हैं।
यहां करें संपर्क
टोल फ्री नंबर 18002581800
‘विदेश मंत्रालय से इस बारे में गाइडलाइन मिली है। इंटरनेशनल सिविल एविएशन आर्गेनाइजेशन (आईसीएओ) ने सभी गैर मशीन पठनीय पासपोर्ट को हटाने की समय सीमा 24 नवंबर तक तय की है। हमने भी इस पर कार्य शुरू कर दिया है।’
- विजय शंकर पांडेय, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी उत्तराखंड