कुमाऊंनी छोलिया लोकनृत्य के बीच ठुलीगाड़ पर बने प्रवेश द्वार पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मेले का उद्घाटन किया। मेले के पहले दिन करीब 20 हजार भक्तों ने देवी मां के दर्शन किए। मेला15 जून तक चलेगा।
प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से इस बार मेले के उद्घाटन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के पौरोहित्य में मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत और क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी ने देवी मां की पूजा-अर्चना के बाद ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर स्थापित मां पूर्णागिरि धाम के कपाट खोलकर मेले का शुभारंभ किया।
इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सच्चे मन से मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा पर आने वाले भक्तों की मुराद देवी मां अवश्य पूरा करती है। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास किए जाएंगे।
विधायक गहतोड़ी ने कहा कि पूर्णागिरि धाम की आस्था को सुरक्षित रखते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष से महिला समूहों को प्रसाद बनाने और भंडारों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपकर इसकी शरुआत कर दी गई है। उद्घाटन समारोह में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। मां पूर्णागिरि धाम का मेला इस बार 15 जून तक 97 दिन चलेगा। मेला अधिकारी जिला पंचायत के एएमए राजेश कुमार ने बताया कि मेले की सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि आज 22 साल बाद मां पूर्णागिरि के चरणों में आने का सौभाग्य मिला, लेकिन मुझे अफसोस है कि व्यस्तता के कारण मैं आज देवी मां के दर्शन के लिए नहीं जा पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही आकर मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन करेंगे।
पुष्प वर्षा से हुआ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत का स्वागत
पूर्णागिरि मेले का उद्घाटन करने आए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कालाढुंगी विधायक बंशीधर भगत, क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी, भाजपा प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी का मंदिर समिति ने छोलिया लोकनृत्य और पुष्प वर्षा से स्वागत किया।
इस मौके पर मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय सचिव गिरीश पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय, मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी, राजू तिवारी, जगदीश तिवारी, नेत्रबल्लभ तिवारी, मोहन पांडेय, मनोज पांडेय, जनार्दन पांडेय, सुरेश तिवारी, भैरव दत्त पांडेय, मथुरा दत्त पांडेय, दुर्गा दत्त तिवारी आदि मौजूद थे।