प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला 23 मार्च से शुरू हो जाएगा। मेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहीं मेले के उद्घाटन की तैयारी भी लगभग पूरी हो चुकी है। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से इस बार कोई राजनीतिक व्यक्ति मेले का उद्घाटन नहीं कर सकेगा। रेलवे ने इस बार भी मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है।
पूर्णागिरि मेले में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचते हैं। इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। प्रशासन ने 23 मार्च से शुरू होने वाले इस मेले की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
बुधवार को एसडीएम दयानंद सरस्वती और तहसीलदार खुशबू पांडेय ने शहर और पूर्णागिरि धाम क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को हर हाल में 22 मार्च तक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क मार्ग से पथ प्रकाश, खोया-पाया केंद्र की इंटरकॉम, आवासीय टिनशेड, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं। अभी ठुलीगाड़-भैरव मंदिर पैदल मार्ग में पथ प्रकाश व्यवस्था का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी भगवत पाटनी का कहना है कि 22 मार्च तक पैदल मार्ग में भी पथ प्रकाश व्यवस्था कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस बार पूर्णागिरि मेले की सुरक्षा व्यवस्था में फोर्स की कमी आड़े आ सकती है। हालांकि मेले के लिए फोर्स के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। बुधवार को एक कंपनी पीएसी व कुछ खुफिया कर्मियों ने मेला ड्यूटी में आमद दर्ज की है।
सीओ नरेश चंद और कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि मेला ड्यूटी के लिए पहुंची पीएसी की एक कंपनी को पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। इधर फोर्स की कमी से निपटने के लिए इस बार प्रशासन स्वयंसेवियों को तैनात करने का फैसला लिया गया है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए 30 स्वयंसेवकों का पंजीकरण किया गया है।