भारत भर में बुधवार को पड़ा पूर्ण चंद्र ग्रहण अद्भुत रहा। ग्रहण से चंद्रमा समेत अन्य ग्रहों पर प्रभाव के अध्ययन के लिए दिल्ली के साथ-साथ जापान के वैज्ञानिक भी नैनीताल पहुंचे थे। वैज्ञानिकों ने 104 सेंटीमीटर संपूर्णानंद दूरबीन और विशेष पोलेरीमीटर उपकरण से चंद्रग्रहण का अध्ययन किया।
आर्य भट्ट रिसर्च संस्थान (एरीज) के डायरेक्टर डॉ. एके पांडेय, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. एचपी सिंह और जापान की निशिहामा एस्ट्रोनॉमिकल वेधशाला के वैज्ञानिक प्रोफेसर आइतो ने बुधवार को एरीज सभागार में बताया कि 31 जनवरी को शाम पांच बजकर 18 मिनट से चंद्रग्रहण शुरू हुआ।
इस दौरान उन्होंने एरीज की 104 सेंटीमीटर संपूर्णानंद दूरबीन से इमेजिंग पोलिरीमीटर का प्रयोग करते हुए पोलरिमैट्रिक प्रेक्षण किया। यह पोलेरीमीटर उपकरण एरीज के वैज्ञानिकों और अभियंताओं ने बनाया है।