10 शेल कंपनियों के बैंक खाते खुलवाए
समीर अग्रवाल ने किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन के साथ मिलकर साजिश के तहत 10 शेल कंपनियों के बैंक खाते खुलवाए। इनके माध्यम से उत्तराखंड के जमाकर्ताओं से एकत्र धनराशि का गबन व दुरुपयोग किया। उत्तराखंड के जमाकर्ताओं से एकत्र धनराशि इन खातों में स्थानांतरित की गई और बाद में लेयरिंग (कई स्तरों वाले वित्तीय लेन-देन) के माध्यम से इस धन को सैकड़ों अन्य बैंक खातों में भेज दिया गया। सीबीआई इन कंपनियों की भी जांच कर रही है। जल्द ही कुछ और आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
इस तरह रहीं आरोपियों की भूमिकाएं
- शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत और दिनेश सिंह एलयूसीसी के पदाधिकारी थे। इन्हीं की देखरेख में निवेशकों का पैसा इकट्ठा किया जा जाता था।
- तरुण कुमार मौर्य एलयूसीसी का चेस्ट मैनेजर था। गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला और ममता भंडारी विभिन्न शाखाओं से नकद रूप में एकत्र की गई जमाकर्ताओं की धनराशि को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाते थे। इससे बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से होने वाले लेन-देन से बच जाते थे।
- सुशील कुमार गोखरू ने किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन के साथ मिलकर मुंबई में 10 शेल कंपनियां बनवाईं।