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Uttarakhand: एलयूसीसी घोटाला: पीड़ितों की शिकायतों और दावों के लिए बनेगा एकीकृत पोर्टल, सीबीआई कर रही है जांच

Thu, 29 Jan 2026 10:53 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

एलयूसीसी घोटाला में पीड़ितों की शिकायतों और दावों के लिए एकीकृत पोर्टल बनाया जाएगा। मामले में नवंबर से सीबीआई जांच कर रही है।

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एकीकृत पोर्टल बनाया जाएगा। - फोटो : AI
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विस्तार
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एलयूसीसी कंपनी में ठगी का शिकार हुए लोगों की शिकायतों के लिए एक अलग से एकीकृत पोर्टल बनाया जाएगा। इस पर पीड़ित लोग अपनी शिकायतें और दावा पेश कर सकेंगे। इस मामले में सीबीआई ने शासन को गत 14 जनवरी को पत्र लिखा था जिसके क्रम में सचिव दिलीप जावलकर ने सहकारिता विभाग को अग्रिम कार्रवाई करने के लिए लिखा है।

गौरतलब है कि चिटफंड कंपनी एलयूसीसी ने प्रदेश के कई जिलों में अपनी शाखाएं खोली थीं। सैकड़ों की संख्या में एजेंट बनाकर लोगों से निवेश कराया गया। छोटी-छोटी बचत के रूप में लोगों ने आरडी-एफडी के रूप में इस कंपनी में पैसा जमा किया। इस बीच जून 2024 में पता चला कि एलयूसीसी कंपनी के कार्यालय बंद होने लगे।

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ठगी की रकम सैकड़ों करोड़ रुपये बताई गई
लोगों ने एजेंटों पर दबाव बनाया लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद पौड़ी की कोटद्वार कोतवाली में एक महिला की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद कुल 18 मामले विभिन्न जिलों में दर्ज किए गए। ठगी की रकम सैकड़ों करोड़ रुपये बताई गई। पुलिस ने इस प्रकरण की जांच सीआईडी को दे दी जिसने आरोपपत्र भी न्यायालय में दाखिल किया।

इस बीच एक व्यक्ति की ओर से हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई। इस पर न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई के हवाले करने के आदेश दिए। सीबीआई ने गत 27 नवंबर को देहरादून ब्रांच में एफआईआर दर्ज की। इसमें आधार कोटद्वार की एफआईआर को बनाया गया और बाकी 17 एफआईआर को इसमें जोड़ दिया गया। सीबीआई की अब तक की जांच में आया है कि इस कंपनी ने करीब 1.5 लाख लोगों को निवेश के नाम पर ठगा है।

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ठगी की कुल रकम 800 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है। ऐसे में सीबीआई की ओर से शासन को पत्र लिखा गया कि इन लोगों से संपर्क के लिए एक एकीकृत मंच का होना आवश्यक है। ऐसे में सीबीआई ने एक एकीकृत पोर्टल शिकायतों और दावों के लिए शुरू करने के लिए कहा है। जल्द ही शासन के निर्देश पर पोर्टल (वेबसाइट) की शुरुआत की जाएगी।

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