राजधानी देहरादून में गैस सब्सिडी के लिए भरे जाने वाले फार्म डिलीवरी ब्वॉय उपभोक्ताओं के घर से ही कलेक्ट करेंगे। इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने इंडेन गैस उपभोक्ताओं को यह सुविधा दी है। इसकी जानकारी कंपनी उपभोक्ताओं को मोबाइल पर एसएमएस करके दे रही है। लेकिन गैस एजेंसियां फार्म घर से कलेक्ट करवाने से परहेज कर रही हैं। तर्क दिया जा रहा है कि इससे गलत फार्म जमा हो सकता है।
एक जनवरी से शुरू हो रही डायरेक्ट बेनिफिट ऑफ ट्रांसफर ऑन एलपीजी (डीबीटीएल) योजना से जुड़ने के लिए फार्म गैस एजेंसी में बंट रहे हैं। फार्म लेने और जमा कराने के लिए उपभोक्ताओं को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।
आधार कार्ड वाले उपभोक्ताओं को दो फार्म भरने हैं। जिसमें से फार्म एक बैंक और फार्म-दो एजेंसी में जमा करना है। बैंक में तो उपभोक्ता को खुद ही फार्म भरकर जमा कराना है। एजेंसी में फार्म-दो जमा कराने के लिए आईओसी ने सहूलियत दी है। गैस बुकिंग के बाद बुकिंग नंबर के मैसेज के साथ कंपनी फार्म-दो और आधार की फोटो कॉपी डिलीवरी ब्वॉय के हाथों जमा करने के मैसेज भी भेज रही है। लेकिन गैस एजेंसियां इस कवायद से दूरी बना रही हैं।
एजेंसियों का तर्क
दून एलपीजी गैस डिस्टीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल का कहना है कि गैस डिलीवरी ब्वॉय को 17 डिजिट का नंबर का पता नहीं होगा, साथ ही आधार नंबर कहां लगाना है, यह भी नहीं पता चलेगा। इससे गलत फार्म जमा हो सकता है और गलत नंबर से सब्सिडी गलत एकाउंट में भी जा सकती है। इसलिए एजेंसी पर ही फार्म जमा कराए जा रहे हैं।
आज से एजेंसी में हिंदी फार्म
डीबीटीएल योजना के तहत अभी तक उपभोक्ताओं को अंग्रेजी फार्म बांटे जा रहे थे, जिससे लोगों को परेशानी हो रही थी। बुधवार से एजेंसियों पर हिंदी के फार्म मिलने शुरू हो जाएंगे।